सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर ने कहा कि 2014 से पहले पद्म पुरस्कार बड़े लोगों और खास परिवारों तक सीमित थे, लेकिन अब इन्हें ज़मीनी स्तर पर काम करने वालों को दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार वितरण में अब कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा और सभी समुदायों को इसका लाभ मिल रहा है।
“बिना भेदभाव के सभी को सम्मान”
राज्यपाल माथुर रविवार को डूंगरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने जयपुर के बगरू के एक मुस्लिम बैंड मास्टर का ज़िक्र करते हुए कहा कि वह गौ भक्त बन गए और रामायण भी पढ़ने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सेवा भावना को सम्मान देते हुए उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा।
“वागड़ का हीरा हैं मूलचंद लोढ़ा”
माथुर ने पद्मश्री अवॉर्ड विजेता मूलचंद लोढ़ा की भी तारीफ की और उन्हें “वागड़ का हीरा” बताया। उन्होंने कहा कि लोढ़ा के सेवा कार्यों की चर्चा पूरे देश में हो रही है और यह पूरे वागड़ क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला।
28 लाख रुपये की लागत से बने भवन का लोकार्पण
राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर ने वागदरी में आचार्य महाप्रज्ञ आई हॉस्पिटल में सांसद कोष से बने 28 लाख रुपये की लागत से बने भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा और संस्कारों को लेकर किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
विकास कार्यों की घोषणाएं
इस मौके पर राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत और सागवाड़ा विधायक शंकर डेचा ने राज्यपाल का स्वागत किया।
- राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने 20 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की।
- उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने 15 लाख रुपये देने की बात कही।
- राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर ने 20 लाख रुपये देने की घोषणा की और मौके पर ही 11 लाख रुपये का चेक सौंपा।

