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Rajasthan
अजमेर में बन रहा 32 करोड़ रुपये का साइंस पार्क,उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने निर्माण कार्य का लिया जायज़ा
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शनिवार को अजमेर के पंचशील क्षेत्र में निर्माणाधीन साइंस…
110 परिवारों को आवास की चाबी सौंपते हुए मंत्री जोगाराम पटेल बोले- विकास और गरीब कल्याण साथ-साथ आगे बढ़े
जोधपुर, 13 जून। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत “गृह गौरव: खुशियों की चाबी” कार्यक्रम…
मोदी सरकार के 12 वर्ष:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
जयपुर, 13 जून। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार…
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बोले- मोदी सरकार के 12 वर्ष ‘विकास,विश्वास और जनकल्याण’ के नाम
जयपुर, 13 जून, 2026। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा, सुशासन और…
National
ब्रिक्स कृषि बैठक:प्राकृतिक खेती से डिजिटल एग्रीकल्चर तक सहयोग बढ़ाने पर सहमति,‘इंदौर घोषणा-पत्र’ जारी
इंदौर में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) देशों की कृषि मंत्रिस्तरीय और अधिकारी स्तरीय बैठकों का समापन आज एक सर्वसम्मत ‘इंदौर डिक्लेरेशन’ के साथ हुआ जिसमें खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण, जलवायु-सहनीय खेती, कृषि व्यापार और डिजिटल एग्रीकल्चर को नई दिशा देने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वैश्विक संकट और अनिश्चितताओं के बीच ब्रिक्स देशों की यह बैठक पूरी दुनिया के लिए आशा, विश्वास और सामूहिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश लेकर आई है। बैठक का स्वरूप, ताकत और संदर्भ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने सहयोगी मंत्रियों रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी तथा वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मीडिया से चर्चा में कहा कि कृषि समूह की मंत्री स्तरीय तथा उससे पहले अधिकारी स्तरीय, दोनों बैठकें सानंद, सार्थक और सफलतापूर्वक संपन्न हुई हैं। उन्होंने बताया कि सदस्य और सहयोगी देशों के लगभग 60 विदेशी प्रतिनिधियों सहित कुल लगभग 100 प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भाग लिया जिससे यह स्पष्ट होता है कि कृषि और खाद्य सुरक्षा के प्रश्न पर ब्रिक्स देशों के बीच कितना गहरा जुड़ाव और गंभीरता है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, इनके पास वैश्विक कृषि भूमि का करीब 42 प्रतिशत हिस्सा है और विश्व के खाद्यान्न उत्पादन में भी लगभग 42 प्रतिशत योगदान इन्हीं देशों का है, इसलिए इनकी सामूहिक आवाज वैश्विक मंच पर एक प्रभावी शक्ति के रूप में उभरी है। उन्होंने इस बात पर भी गर्व व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है और ब्रिक्स के कृषि समूह की दोनों बैठकें- अधिकारी स्तर और मंत्री स्तर, इसी परिप्रेक्ष्य में इंदौर में संपन्न हुई हैं। चार मुख्य प्राथमिकताएं: किसान, खाद्य सुरक्षा और जलवायु शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में चार प्रमुख प्राथमिकताओं पर गहन विमर्श हुआ- दुनिया और ब्रिक्स देशों की खाद्य सुरक्षा (फूड सिक्योरिटी) और पौष्टिक आहार, ब्रिक्स देशों के बीच कृषि व्यापार और सहयोग को बढ़ावा, जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच रीजेनेरेटिव फार्मिंग, जलवायु अनुकूल और सतत कृषि पद्धतियाँ, खाद्य प्रणालियों और कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीक और साझेदारी को मजबूत करना। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि भरपूर अनाज उपलब्ध हो, साथ ही पोषणयुक्त भोजन भी सभी तक पहुंचे और जो अन्नदाता किसान दुनिया को भोजन देता है, उसकी आजीविका सुरक्षित और बेहतर हो, इन्हीं सवालों को बैठक की सोच के केंद्र में रखा गया। चौहान ने कहा कि छोटे और सीमांत किसान, जिन्हें कई देशों में फैमिली फार्मर्स भी कहा जाता है, उन पर विशेष फोकस रखते हुए एक अलग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उनकी कठिनाइयों, इनपुट्स की उपलब्धता, ऋण प्रवाह, उचित कीमत और बाजार से जुड़ाव पर विस्तार से चर्चा हुई। ‘इंदौर डिक्लेरेशन’: किसान–केंद्रित वैश्विक घोषणापत्र केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद जो संयुक्त घोषणा पत्र तैयार हुआ, उसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया और इंदौर में अपनाए जाने के कारण इसे ‘इंदौर डिक्लेरेशन’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घोषणा पत्र का केंद्र किसान है- किसान को केंद्र में रखकर खाद्य सुरक्षा, पोषण, आजीविका, कृषि व्यापार, नवाचार, निवेश, क्लाइमेट रेज़िलिएंट खेती और सतत कृषि विकास को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता इस डिक्लेरेशन में दर्ज की गई है। चौहान ने जोर देकर कहा कि यह दस्तावेज केवल सहमति का कागज़ नहीं है, बल्कि ब्रिक्स देशों की सामूहिक इच्छाशक्ति, साझा उत्तरदायित्व और कृषि को माध्यम बनाकर अधिक सुरक्षित, समृद्ध और टिकाऊ भविष्य गढ़ने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सदस्य देशों ने तय किया है कि इंदौर डिक्लेरेशन में दर्ज सभी पहलों को ज़मीन पर उतारने के लिए मिलकर, सामूहिक और सतत प्रयास किए जाएंगे, ताकि इसके लाभ वास्तविक रूप से किसानों, ग्रामीण समुदायों और खाद्य प्रणालियों तक पहुंच सकें। चार नई संस्थागत पहलें: नेटवर्क और फोरम 1. सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन एग्रो–इकोलॉजी एंड रीजेनेरेटिव एग्रीकल्चर…
फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी,जी-7 शिखर सम्मेलन में ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज़ उठाने की बात कही
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की बहुस्तरीय यात्रा पर रवाना हुए। इस…
अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा,श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर गृह मंत्री का जोर;यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड और कड़ी निगरानी के निर्देश
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में श्री अमरनाथ जी…
नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी ने राज्यों से कहा-‘विकसित भारत’ का संकल्प गांव-गांव तक पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की…

























