राजस्थान में बढ़ते सुरक्षा हालात के मद्देनज़र ऑपरेशन शील्ड के तहत राज्य के कई जिलों में युद्ध जैसी परिस्थितियों से निपटने की मॉक ड्रिल की गई। राजधानी जयपुर से लेकर बीकानेर और पाली तक कई जगहों पर हवाई हमलों की आशंका पर रिहर्सल किया गया, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों के साथ आम नागरिकों की प्रतिक्रिया और तैयारियों को परखा गया।
जयपुर में हवाई हमले की मॉक ड्रिल
जयपुर के खातीपुरा इलाके में स्थित शहीद मेजर दिग्विजय सिंह सुमाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मॉक ड्रिल के दौरान यह दर्शाया गया कि लोग बाजार में सामान्य रूप से घूम रहे थे, तभी अचानक धमाकों और हवाई फायरिंग की आवाजें गूंजीं। रियल टाइम में एसडीआरएफ और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई गई।
सीकर, पाली और बीकानेर में भी अभ्यास
- सीकर के कल्याण मेडिकल कॉलेज में चार अलग-अलग धमाकों का अभ्यास किया गया। पुलिस, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस और मेडिकल टीमें तुरंत हरकत में आईं। इस दौरान एक बच्ची घबरा गई जिसे महिला पुलिसकर्मियों ने संभाला।
- पाली में जोधपुर हाईवे स्थित नायरा डिपो पर मॉक हवाई हमला हुआ। हमले के तुरंत बाद सायरन बजा और पुलिस व प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।
- बीकानेर के बीछवाल रोड पर स्थित सीमा सड़क संगठन (BRO) कार्यालय पर भी हवाई हमले की मॉक ड्रिल की गई। यहां करीब 20 लोग फंसे होने की स्थिति को दर्शाया गया और उन्हें निकालने के लिए सेना, बीएसएफ, पुलिस और प्रशासनिक टीमें संयुक्त रूप से सक्रिय हुईं।
भारत-पाक तनाव की पृष्ठभूमि में अभ्यास
यह मॉक ड्रिल ऐसे समय हो रही है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने 7 मई को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। इस कार्रवाई में भारतीय सेना ने 100 आतंकियों को मार गिराया था।
मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट एक्सरसाइज का उद्देश्य
- मॉक ड्रिल का मकसद यह होता है कि अगर किसी आपातकालीन स्थिति—जैसे हवाई हमला, बम धमाका या आतंकी हमला—में आम नागरिक और प्रशासन किस तरह से प्रतिक्रिया देंगे, इसकी तैयारी की जाए।
- ब्लैकआउट एक्सरसाइज के तहत एक तय समय के लिए पूरे इलाके की बिजली काट दी जाती है ताकि दुश्मन देश के हमले की स्थिति में इलाके को अंधेरे में छिपाया जा सके और लक्ष्य साधने में कठिनाई हो।
7 मई को पूरे राज्य में हुई थी ब्लैकआउट एक्सरसाइज
7 मई को जयपुर, कोटा, अजमेर, अलवर और सीकर समेत कई शहरों में एयर स्ट्राइक की मॉक ड्रिल के बाद रात को 15 मिनट का ब्लैकआउट भी किया गया। लोगों ने घरों, दुकानों और दफ्तरों की लाइटें बंद रखीं और पूरी तरह से सहयोग किया।
सरकार और सुरक्षाबल इस तरह की ड्रिल्स के जरिए यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपात स्थिति में जान-माल का नुकसान कम से कम हो और जवाबी कार्रवाई त्वरित और प्रभावी हो।

