केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का कांग्रेस पर तंज — “कागज़ पर लिख देने या भाषणों में कहने से कोई जननायक नहीं बनता,राहुल गांधी को नायक मानने पर खुद कांग्रेस में भ्रम”

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जोधपुर, 5 अक्टूबर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर चुटकी ली कि आज की परिस्थिति में राहुल गांधी की अपनी पार्टी में भी उन्हें नायक मानने को लेकर ऊहापोह की स्थिति है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन कि राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने मिलकर बिहार की शिक्षण प्रणाली को बर्बाद कर दिया है, से जुड़े सवाल पर शेखावत ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इस कथन में किसी प्रकार की अतिशयोक्ति है। प्रधानमंत्री जी ने बिल्कुल सही कहा है। वह बिहार, जिसने कभी विश्वगुरु का दर्जा प्राप्त किया था। वह बिहार, जो ज्ञान और अध्ययन का केंद्र हुआ करता था। यदि हम बहुत पुरानी नहीं, केवल पिछले 50–60 वर्षों की बात करें तो उस समय बिहार के विश्वविद्यालय देश के प्रमुखतम विश्वविद्यालयों में गिने जाते थे, लेकिन आज बिहार की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति सबके सामने है। पिछले कुछ वर्षों में एनडीए सरकार के आने के बाद कुछ सुधार अवश्य हुए हैं, परंतु यह भी सत्य है कि एक समय ज्ञान, धर्म और अहिंसा की भूमि, भगवान बुद्ध और भगवान महावीर स्वामी की धरती की पहचान अपराध, बंदूक और भ्रष्टाचार जैसी नकारात्मक छवियों से जुड़ गई थी। शेखावत ने कहा कि हाल के वर्षों में कुछ सुधार दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अभी भी व्यापक परिवर्तन की आवश्यकता है। यह उम्मीद की जानी चाहिए कि बिहार की जनता इस वास्तविकता को समझते हुए आने वाले चुनाव में अपने निर्णय से राज्य के भविष्य की दिशा तय करेगी।

जिम्मेदारों पर हो कठोरतम कार्रवाई
कोल्ड्रिक कफ सिरप से जुड़े सवाल पर शेखावत ने कहा कि अगर किसी भी दवा को देखें तो भारत सहित पूरी दुनिया में दवाओं के मानकीकरण का एक निश्चित प्रोटोकॉल निर्धारित है। इसके लिए एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया बनी हुई है। किसी भी दवा को मानव उपभोग के लिए अनुमति देने से पहले उसे एक कठोर परीक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। लाइसेंसिंग, प्रत्येक बैच की पहचान और टेस्टिंग, इन सभी के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि भारत में भी अंतरराष्ट्रीय मानकों से अधिक कठोर मानक अपनाए गए हैं। फिर भी यदि किसी तकनीकी कारण, रासायनिक प्रतिक्रिया या किसी अन्य वजह से इस तरह की कोई घटना सामने आती है तो निश्चित रूप से जिम्मेदार लोगों पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। इसकी पूरी जांच की जानी चाहिए और आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जानी चाहिए, क्योंकि उन नियमों में हर प्रकार की परिस्थिति के लिए आवश्यक प्रावधान मौजूद हैं।