राजस्थान में बार-बार दलितों के साथ न्याय में भेदभाव क्यों,धीरज वर्मा के परिवार को मिले न्याय:नेता प्रतिपक्ष जूली

Jaipur Rajasthan

जयपुर। नेता प्रतिपक्ष जूली ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की है कि वह दलित समाज के साथ हो रहे अपराधों को गंभीरता से ले और इस वर्ग के बीच विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि दलित समुदाय को न्याय का भरोसा मिलना चाहिए।

शुक्रवार को जूली ने एसएमएस अस्पताल पहुंचकर पाटन, नीमकाथाना के नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र धीरज वर्मा के परिजनों से मुलाकात की। गौरतलब है कि धीरज की 14 अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। वह कक्षा 10 का छात्र था।

धीरज के परिजन पिछले कुछ दिनों से एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच तथा न्याय की मांग कर रहे हैं। जूली ने परिजनों को ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि वे इस मामले को विधानसभा और प्रशासनिक स्तर पर उठाएंगे।

जूली ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है साथ ही उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर किया और कहा ” इतनी लापरवाही सरकार की तरफ से रही है, 8 तारीख को बच्चा एडमिट हुआ, बाद में कह रहे हैं बच्चे ने सुसाइड किया है, जब सुसाइड का प्रयास किया तो उस समय परिजनों को, कलेक्टर को पुलिस को क्यों नहीं बताया गया। जूली ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है ।

भाजपा सरकार के दलित विरोधी रवैए को लेकर जूली ने आश्चर्य व्यक्त किया कि इस दलित परिवार की मदद के लिए सरकार आगे नहीं आ रही है , एक तरफ किसी एक व्यक्ति को तो 25 लाख तक की आप मदद कर सकते हो, प्राइवेट हॉस्पिटल के उसके बिल भी आप दे सकते हो और दूसरी तरफ क्योंकि एक दलित है तो उसके लिए आपके पास एक रुपया नहीं है ?

साथ ही उन्होंने जैसलमेर बस हादसे में भी सरकार द्वारा दलित परिवार को उचित आर्थिक मदद ने देने पर कहा कि ” एक दलित परिवार के पांच लोगों की जैसलमेर के अंदर बस में जलकर मृत्यु हो गई, आप ने नया नियम बना दिया , एक मृतक को दस लाख और पांच मृतकों को पच्चीस लाख क्यों यह कौन से कानून की किताब में लिखा है ? “

नीमकाथाना में दलित और आदिवासी समाज के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए जूली ने कहा कि ” नीमकाथाना में एससी एसटी के तकरीबन दस ऐसे मामले हैं उनमें कार्रवाई नहीं हो रही है, जो अपराधी हैं उनको बचाने का काम करते हैं और एससी के लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है।

जूली के साथ नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी और बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा भी शामिल थे ।

टीकाराम जूली ने राजस्थान में बच्चों की कफ सिरप से हुई मौतों के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा और कहा कि इसी मामले में मध्य प्रदेश में कार्रवाई हो रही है और राजस्थान में क्लीन चिट दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार किस स्तर तक गिरेगी,जिस घर में बच्चे के जाने का शोक मनाया जा रहा हो वहां चिकित्सा विभाग की जांच टीम द्वारा जबरन सबूत मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। आखिर ऐसी क्या वजह है कि भाजपा सरकार इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस गंभीर मामले पर चुप क्यों हैं? यह सब संदेह पैदा करता है।