अजमेर, 11 नवंबर — कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार को अजमेर में मीडिया से बातचीत में राज्य सरकार पर कड़ी आलोचना की और कहा कि हालिया मुख्य सचिव परिवर्तन इस बात का संकेत है कि राज्य में अफसरशाही और राजनीतिक झड़पें बढ़ गई हैं।
पायलट ने दावा किया कि दो वर्षों में जनता को सरकार ने निराश किया है और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, “यह सरकार बहुत जल्दी अपना विश्वास खो चुकी है,” और आरोप लगाया कि कई सत्ता केन्द्र बन चुके हैं जिनके चलते यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि राज्य किसके द्वारा चलाया जा रहा है।
अंता उपचुनाव का उल्लेख करते हुए पायलट ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेताओं ने यहां प्रचार-प्रसार बड़े उत्साह के साथ किया, लेकिन यह जनता ही तय करेगी कि किसके प्रदर्शन पर आस्था रखनी है। उन्होंने सभा का माहौल शांतिपूर्ण रहने की अपील की और कहा कि यह चुनाव उस सीट पर इसलिए हो रहा है क्योंकि भाजपा के विधायक को अदालत ने अयोग्य करार दिया था। पायलट ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जीत दर्ज करेगी।
दिल्ली में हुए हालिया विस्फोट पर पायलट ने इसे “गंभीर और निंदनीय घटनाक्रम” बताया और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस इसे घोर साजिश मानते हुए इसकी तह तक जाएं।
इलेक्शन सर्टिफिकेशन/रजिस्ट्रेशन (SIR) प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को लेकर पायलट ने चिंता जताई कि इसे पारदर्शी तरीके से और जल्दबाजी में नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से किसी को वंचित करना सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला होगा और यदि आवश्यक दस्तावेजों की समय-सीमा इतनी कम रखी जाए कि मतदाता अपनी उपस्थिति साबित न कर सकें, तो यह गंभीर समस्या बन जाएगी। पायलट ने बताया कि कांग्रेस संगठन घर-घर जाकर वोटर लिस्ट की जांच कराएगा और गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
पायलट ने यह भी कहा कि बिहार के उदाहरण का हवाला देते हुए जहां लाखों नाम कटने की शिकायतें आईं, राजस्थान में ऐसा कुछ होने पर पार्टी इसकी समीक्षा कराएगी और निर्वाचन आयोग से पारदर्शिता की मांग करेगी।

