जोधपुर में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि भारत अब तात्कालिक फैसलों की राजनीति से आगे बढ़ते हुए दीर्घकालिक और समावेशी विकास की दिशा में काम कर रहा है। संसद में प्रस्तुत राष्ट्रपति के अभिभाषण और आर्थिक सर्वेक्षण 2025 का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा नीतियां इस बात का प्रमाण हैं कि देश में विकास का आकलन अब आंकड़ों के साथ-साथ आम लोगों के जीवन में आए सुधार से किया जा रहा है।
गुरुवार शाम जोधपुर सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेखावत ने वैश्विक आर्थिक हालात का हवाला देते हुए कहा कि जहां कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं महंगाई और मंदी से जूझ रही हैं, वहीं भारत ने स्थिरता बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में महंगाई को लगभग 4 से 4.5 प्रतिशत के दायरे में सीमित रखना सरकार की बड़ी उपलब्धि है। साथ ही भारतीय बैंकिंग व्यवस्था, जो कभी एनपीए और फोन बैंकिंग के बोझ तले दबी थी, आज पूरी तरह स्वस्थ स्थिति में है।
उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में करीब 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से बाहर आना सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। चार करोड़ पक्के मकान, 12.5 करोड़ परिवारों तक नल से जल पहुंचाना और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के ज़रिए 6.75 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचना, सरकार की नीतियों के प्रभाव को दर्शाता है।
कृषि क्षेत्र पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध, चीनी और दलहन उत्पादक देश बन चुका है। चावल उत्पादन में भारत ने चीन को पीछे छोड़ा है, जबकि मत्स्य उत्पादन में ‘नीली क्रांति’ के तहत 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
शेखावत ने कहा कि देश का विकास अब इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित मॉडल पर आगे बढ़ रहा है। वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार, देशभर में मेट्रो नेटवर्क और पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क व रेलवे परियोजनाएं इसकी मिसाल हैं। उन्होंने असम में सेमीकंडक्टर निर्माण को भारत की तकनीकी क्षमता का नया प्रतीक बताया।
यूरोपीय संघ के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते को शेखावत ने ‘मदर ऑफ ऑल एग्रीमेंट्स’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के 98.5 प्रतिशत निर्यात पर शून्य शुल्क लागू होगा, जिससे टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी और फार्मा जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक से जुड़े सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे विषय को नए सिरे से देखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप पुनःसमीक्षा की जाएगी और समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
मुफ्त राशन योजना पर बोलते हुए शेखावत ने कहा कि यह सरकार की मजबूरी नहीं बल्कि जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि इससे गरीब परिवारों को हर महीने आर्थिक राहत मिलती है, जिसे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर खर्च कर सकते हैं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बार-बार लगाए गए आरोपों के बावजूद जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के ज़रिए अपना जवाब दिया है। उनका कहना था कि देश आज आत्मविश्वास से भरा हुआ है और आर्थिक सर्वेक्षण में अनुमानित विकास दर इस भरोसे को और मज़बूत करती है।

