प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मदुरै में 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कनेक्टिविटी बेहतर करना, अर्थव्यवस्था को गति देना और रोजगार के अवसर बढ़ाना बताया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली अवसंरचना का निर्माण लोगों को सशक्त बनाने का माध्यम है, जिससे किसानों को बाजार तक बेहतर पहुंच, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए आसान यात्रा तथा कारोबार के लिए तेज परिवहन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने बताया कि पिछले बारह वर्षों में केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में बड़े निवेश किए हैं, जिससे यात्रा सुगम हुई है और कृषि व समुद्री उत्पादों की आवाजाही में सुविधा मिली है। साथ ही, मरक्कनम–पुडुचेरी और परमकुडी–रामनाथपुरम जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की बात कही गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दशक में भारतीय रेल का आधुनिकीकरण हुआ है और इसका प्रभाव तमिलनाडु में स्पष्ट दिखाई देता है, जहां रेल बजट आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, नई पटरियां बिछाई गई हैं और बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण किया गया है। उन्होंने वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन तथा कई रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का भी उल्लेख किया।
भाषण में ‘मेक इन इंडिया’ पहल को आत्मनिर्भरता और युवाओं के लिए रोजगार सृजन से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में तमिलनाडु को रेयर अर्थ कॉरिडोर का हिस्सा बनाया गया है, जिससे उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, औद्योगिक क्लस्टर और पर्यटन विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित तमिलनाडु महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

