पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। बैठक में देश की तैयारियों और संभावित प्रभावों की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “टीम इंडिया” के रूप में केंद्र और राज्य मिलकर इस स्थिति का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं। उन्होंने आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, नागरिकों के हितों की रक्षा करने और सप्लाई चेन को मजबूत रखने को सरकार की प्राथमिकताएं बताया।
उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखें और जमाखोरी तथा मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साथ ही कृषि क्षेत्र में अग्रिम योजना, विशेषकर उर्वरकों के भंडारण और वितरण की निगरानी पर भी जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने अफवाहों और गलत जानकारी के प्रसार को लेकर भी चेतावनी दी और कहा कि सही और विश्वसनीय जानकारी का समय पर प्रसार जरूरी है। उन्होंने सीमा और तटीय राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी।
बैठक में मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना की और भरोसा जताया कि राज्यों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कमी और एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने के फैसलों का भी स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्रियों ने केंद्र के साथ मिलकर स्थिति से निपटने के लिए समन्वय बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

