पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेज हो गया है। नरेंद्र मोदी ने राज्य के झारग्राम और मेदिनीपुर में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कई गंभीर आरोप लगाए और पत्रकारों से भाजपा को सत्ता में लाने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार को “आदिवासी विरोधी” और “महिला विरोधी” करार देते हुए कहा कि पिछले 15 दशकों में राज्य के आदिवासी इलाकों को बुनियादी सुविधाएं—शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सिंचाई—से वंचित रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी जमीनों पर अवैध कब्जे हुए और स्थानीय समस्याओं को नजरअंदाज किया गया।
मोदी ने कहा कि टीएमसी “घुसपैठियों के लिए सरकार” बनाना चाहती है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान पर खतरा है। उन्होंने पत्रकारों से “परिवर्तन” का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर विकास और सुशासन सुनिश्चित किया जाएगा।
महिलाओं के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि संसद में महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों का टीएमसी ने विरोध किया, जिससे महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित किया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, अधिकार और आर्थिक अवसर भाजपा की प्राथमिकता हैं।
कृषि और अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए मोदी ने “डबल इंजन सरकार” का वादा किया, जिसके तहत किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिलने और बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की बात कही गई। साथ ही उन्होंने “ब्लू रिवोल्यूशन” के जरिए मत्स्य उत्पादन बढ़ाने का भी दावा किया।
प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप दोहराते हुए कहा कि “हर क्षेत्र में लूट” हुई है और भाजपा सरकार बनने पर “जवाबदेही तय की जाएगी”।
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि गिनती 4 मई को होगी। मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही हैं, वहीं भाजपा राज्य में सरकार बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है।

