जयपुर में देश के विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों की मौजूदगी में विधान मंडलों की समिति प्रणाली को अधिक प्रभावी और एकरूप बनाने पर व्यापक मंथन किया गया। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक में समितियों की कार्यप्रणाली, विधायकों की भागीदारी बढ़ाने और रिपोर्ट्स पर सरकारों द्वारा प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने कहा कि समितियाँ सदन का लघु रूप होती हैं और लोकतंत्र को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि समिति अपनी सिफारिशों की रिपोर्ट जून में लोकसभा अध्यक्ष को सौंप सकती है।
इस दौरान राजस्थान विधानसभा परिसर में ‘हर्बल वाटिका’ और ‘नक्षत्र वाटिका’ का उद्घाटन भी किया गया। इन वाटिकाओं का उद्देश्य आयुर्वेद, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विभिन्न राज्यों से आए विधानसभा अध्यक्षों ने इन पहल की सराहना करते हुए विधानसभा के डिजिटल म्यूजियम और भवन को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।
उधर, विधानसभा चुनावों के दौरान पांच राज्यों में अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण मतदान को लोकतंत्र की मजबूती का संकेत बताया गया। डॉ. देवनानी ने कहा कि विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान लोकतांत्रिक परिपक्वता को दर्शाता है और चुनाव आयोग व सुरक्षा बलों की भूमिका सराहनीय रही।
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी विभिन्न राज्यों से आए विधानसभा अध्यक्षों से मुलाकात की और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान से शासन व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।

