खैरथल में जिला मुख्यालय बचाओ संघर्ष समिति के धरने को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर जिले के नाम और मुख्यालय को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। धरना पिछले 273 दिनों से जारी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह ने कहा कि खैरथल-तिजारा जिले के साथ “छेड़छाड़” किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी जिला मुख्यालय को भिवाड़ी ले जाने और कभी कोटकासिम का नाम सामने लाकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इस विवाद के जरिए जमीनों की कीमत बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने ईआरसीपी परियोजना को “झूठ का पुलिंदा” बताते हुए कहा कि सरकार अलवर क्षेत्र के जल संकट को गंभीरता से नहीं ले रही। उनका कहना था कि क्षेत्र डार्क जोन में पहुंच चुका है और चंबल तथा यमुना का पानी लाने के लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं।
सभा को संबोधित करते हुए टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पुराने जिलों को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और रोजगार जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
जूली ने कहा कि खैरथल-तिजारा जिले का नाम बदलकर “भर्तृहरि नगर” किए जाने की चर्चा से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा होगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान जिले की घोषणा के साथ प्रशासनिक व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई थीं, लेकिन मौजूदा सरकार अब भी स्पष्ट नीति नहीं बना पाई है।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने खैरथल नाम को बनाए रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई विधायक, पूर्व मंत्री और स्थानीय नेता भी शामिल हुए।

