हैदराबाद इन्वेस्टर्स मीट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का निवेशकों को न्योता,बोले- राजस्थान में कृषि उद्योगों के लिए बड़े अवसर

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हैदराबाद/जयपुर, 8 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर एग्रीटेक एवं फूड प्रोसेसिंग के सुनहरे अवसरों की भूमि बन चुका है। कृषि पैदावार में विविधता के कारण राजस्थान में प्रसंस्करण उद्योग, कोल्ड चेन, स्पाइस पार्क एवं कृषि आधारित उद्योगों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार प्रदेश को कृषि आधारित उद्योगों और वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को हैदराबाद में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 के तहत आयोजित इन्वेस्टर्स मीट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ‘पधारो म्हारो देस’ का आह्वान करते हुए निवेशकों, एग्री-टेक स्टार्टअप्स और विशेषज्ञों को राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि ग्राम-2026 निवेेशकों के लिए बड़े अवसरों का मंच है तथा इसके माध्यम से निवेशक राजस्थान में निवेश कर राज्य की विकास यात्रा के सहभागी बने। राज्य सरकार निवेशकों के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य करने के लिए तैयार है।

हैदराबाद का ‘लैब टू लैंड’ मॉडल राजस्थान के लिए प्रेरणादायी
उन्होंने कहा कि हैदराबाद आज देश का प्रमुख आईटी और एग्री इनोवेशन हब बन चुका है। यहां विकसित हो रहे एग्री स्टार्टअप, ड्रोन टेक्नोलॉजी, प्रिसिजन फार्मिंग और फूड प्रोसेसिंग का इकोसिस्टम देश के कृषि भविष्य को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद का “लैब टू लैंड” मॉडल राजस्थान के लिए प्रेरणादायी है और राज्य सरकार इसे और अधिक मजबूती से लागू करना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद में बसे राजस्थान के उद्यमियों ने यहां की अर्थव्यवस्था और संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मारवाड़ी समाज जहां भी जाता है, वहां अपनी मेहनत, विवेक और सामाजिक सरोकारों से अलग पहचान बनाता है। प्रवासी राजस्थानी आज भी अपने धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि यशस्‍वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से हमारी सरकार जयपुर में 23 से 25 मई तक ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026 का आयोजित करने जा रही है। इस एग्रीटेक मीट में किसान, शिक्षाविद, कृषि कंपनियां और नीति निर्माता एक मंच पर आएंगे। नए तरीकों से कृषि और फूड प्रोसेसिंग गतिविधियों के विकास पर किसानों और विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा।

पानी-ऊर्जा किसान की प्रगति के आधार, रोडमैप के साथ काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी एवं ऊर्जा की उपलब्धता किसान की प्रगति के प्रमुख आधार हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने प्रदेश में बिजली एवं पानी का रोडमैप बनाया। इसके तहत रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर एवं गंगनहर का सुदृढ़ीकरण, देवास परियोजना का विस्तार के माध्यम से पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के संकल्प के तहत अब तक 24 जिलों में दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है। सरकार किसानों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में 65 हजार से अधिक सौर पंप संयंत्र स्थापित किए गए हैं तथा 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया गया है, जिससे किसानों की बिजली लागत में कमी आई है और कृषि उत्पादन बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले 6 हजार रुपए के अतिरिक्त राज्य सरकार ने 3 हजार रुपए बढ़ाकर किसानों को कुल 9 हजार रुपए की सहायता उपलब्ध कराई है। साथ ही एमएसपी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पशुपालकों के लिए गोपालक कार्ड योजना तथा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है।

ग्राम-2026 से प्रदेश की निवेश यात्रा बढ़ेगी आगे
उन्होंने कहा कि समय पर अवसरों की पहचान और मजबूत इच्छाशक्ति ही विकास की नई गाथा लिखती है। प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया। इसके माध्यम से कृषि क्षेत्र में अब तक 9 हजार 391 करोड़ रुपए का निवेश धरातल पर उतर चुका है। राज्य सरकार इस निवेश यात्रा को आगे बढ़ाते हुए ग्राम 2026 के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और उद्यमियों को नई तकनीक एवं आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर राजस्थान को देश का अग्रणी एग्रीटेक एवं निवेश केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है। राजस्थान ऐसा प्रदेश है जहां रेगिस्तान, झीलें, अभयारण्य, बर्ड सेंचुरी, ऐतिहासिक किले, भव्य महल और शेखावाटी की हवेलियां एक साथ देखने को मिलती हैं। यही कारण है कि देश-विदेश से सर्वाधिक पर्यटक राजस्थान की ओर आकर्षित होते हैं। राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग और अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, सौर ऊर्जा तथा सेवा क्षेत्र सहित अनेक क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं उपलब्ध हैं। 

इन्वेस्टर्स मीट में राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर फूड पार्क, सीड प्रोसेसिंग, फूड प्रोसेसिंग के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न एमओयू का आदान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स एवं निवेशकों, उद्योग जगत और एग्रीटेक विशेषज्ञों के साथ संवाद’ किया गया।

इस अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग एवं वाणिज्य शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल, आईसीआरआईएसएटी के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक, फिक्की नेशनल एग्रीकल्चर कमेटी के सह-अध्यक्ष सुब्रतो गीस सहित कृषि विभाग, राजस्थान फाउंडेशन के हैदराबाद चैप्टर के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स उद्यमी एवं निवेशक उपस्थित रहे।