NEET पेपर लीक मामले पर कांग्रेस का हमला,धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

Jaipur Rajasthan

राजस्थान में कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tika Ram Jully ने शुक्रवार को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की और “बड़े लोगों” को बचाया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक हुआ, लेकिन राजस्थान पुलिस और एसओजी ने शुरुआती शिकायतों के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की। उनका आरोप है कि सीकर में परीक्षा से पहले ही सवाल वायरल होने की जानकारी स्थानीय स्तर पर दी गई थी, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई।

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से NEET परीक्षा को लेकर लगातार विवाद सामने आए हैं और केंद्र सरकार ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2025 की परीक्षा में भी कथित गड़बड़ियां हुई थीं, जिन्हें सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि जांच में पकड़े गए कुछ आरोपियों के भाजपा नेताओं से संबंध रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि अगर राजस्थान में कड़े पेपर लीक कानून के तहत मामला दर्ज होता, तो आरोपियों पर आजीवन कारावास और भारी जुर्माने की धाराएं लग सकती थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि “9 दिन तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई” और “किन लोगों को बचाने की कोशिश की गई।”

कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। पार्टी ने इस प्रकरण की जांच संयुक्त संसदीय समिति (JPC) या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में कराने की मांग भी की है।

इस बीच केंद्र सरकार और NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। सरकार ने अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने की घोषणा भी की है।