जोधपुर में पेयजल संकट पर सरकार अलर्ट,मंत्री जोगाराम पटेल ने जल स्रोतों और टैंकर व्यवस्था का किया निरीक्षण

Jodhpur Rajasthan

राजस्थान में भीषण गर्मी और बढ़ती पेयजल मांग के बीच संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शनिवार को जोधपुर और लूणी क्षेत्र की पेयजल व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आमजन तक निर्बाध पेयजल पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री पटेल ने जोधपुर शहर की प्रमुख जल आपूर्ति प्रणालियों — कायलाना झील, तख्तसागर, हाथी नहर और कुड़ी होद — का निरीक्षण कर जल प्रबंधन और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ पानी की आवक, भंडारण और वितरण को लेकर चर्चा की तथा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।

कुड़ी होद पर निरीक्षण के दौरान मंत्री ने टैंकरों के जरिए हो रही जलापूर्ति का जायजा लिया। उन्होंने जल वितरण से जुड़े रिकॉर्ड और रजिस्टरों की जांच की और अधिकारियों को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में पानी की एक-एक बूंद कीमती है और गांव-ढाणी के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

इसके बाद पाल रोड स्थित पंचायत समिति लूणी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री पटेल ने पेयजल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में बताया गया कि लूणी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में करीब 26.8 एमएलडी पानी की मांग है, जबकि उपलब्धता लगभग 16.8 एमएलडी ही है।

आगामी नौतपा और भोगीशैल परिक्रमा को देखते हुए मंत्री ने अग्रिम तैयारियां करने, अतिरिक्त टैंकर लगाने और फील्ड मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए और टैंकर संचालन की निगरानी के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी व्यवस्था भी अपनाई जाए।

मंत्री पटेल ने समर कंटिंजेंसी कार्यों की समीक्षा करते हुए सार्वजनिक पेयजल टांकों, हैंडपंपों और ट्यूबवेलों की मरम्मत तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं और तालाबों को उपयोग योग्य बनाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने पानी की चोरी, अवैध जल कनेक्शन और पेयजल के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी के इस दौर में जल प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना जरूरी है।