प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों, भीषण गर्मी, पारंपरिक पेय पदार्थों, खगोल विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और भारत की सांस्कृतिक विरासत जैसे कई विषयों पर बात की।
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने हाल में रांची में हुई राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का जिक्र करते हुए भारतीय खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार घटा, जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि है। पीएम ने धावक गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर से बातचीत भी की। गुरिंदरवीर सिंह ने 10.09 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और 100 मीटर में 10.10 सेकंड की बाधा तोड़ने वाले पहले भारतीय बने।
प्रधानमंत्री ने देशभर में पड़ रही गर्मी को लेकर लोगों से सावधानी गन्ने और पर्याप्त पानी पीने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत में गर्मी से राहत पाने के कई पारंपरिक तरीके रसोई से जुड़े हैं। उन्होंने आम पन्ना, लस्सी, छाछ, सत्तू शरबत, कोकम शरबत और बेल पना जैसे देशी पेय पदार्थों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सिर्फ पेय नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा हैं।
कार्यक्रम में आमों की विविधता का भी जिक्र हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि देश के हर क्षेत्र का अपना अलग स्वाद और खुशबू वाला आम है, जिसमें हापुस, केसर, दशहरी, लंगड़ा, हिमसागर और बंगनपल्ली जैसी किस्में शामिल हैं। उन्होंने आम उत्पादक किसानों की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री ने हाल में नीदरलैंड से भारत वापसी की गई 11वीं सदी की चोलकालीन ताम्र चट्टानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन ताम्र चट्टानों की वापसी से देश और दुनिया भर के तमिल समुदाय में गर्व और उत्साह का माहौल है। पीएम ने बताया कि इन अभिलेखों में चोल साम्राज्य की उपलब्धियों और उस दौर की प्रशासनिक व्यवस्था का विवरण मिलता है।
खगोल विज्ञान पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत में सदियों से आकाश, तारे और पंचांग को लेकर विशेष आकर्षण रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और युवा बड़ी संख्या में इससे जुड़ रहे हैं।
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई अभियानों का भी जिक्र किया। उन्होंने ‘नमामि गंगे’ अभियान के तहत गंगा डॉल्फिन बचाव ढांचे की सराहना की, जिसने उत्तर प्रदेश में एक उलझी हुई डॉल्फिन को बचाने में मदद की। इसके अलावा उन्होंने केरल में मुफ्त तैराकी सिखाने वाले ट्रेनर और तमिलनाडु की शिक्षिका गिरिजा अम्मा के अभियानों की भी चर्चा की, जिन्होंने छात्रों के माध्यम से सैनिकों के लिए धन जुटाने का अभियान चलाया।

