राजस्थान डिजिटल निवेश का नया केंद्र बनने की ओर,डेटा सेंटर सेक्टर में 43 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

Jaipur Rajasthan

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य अब सिर्फ पर्यटन और विरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में उन्होंने कहा कि राज्य को डेटा सेंटर क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि STT GDC जैसी वैश्विक कंपनियां जयपुर में एलईडी-रेडी डेटा सेंटर स्थापित कर रही हैं, जबकि अन्य बड़ी कंपनियां भी राजस्थान में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। उनका कहना है कि सरकार बिजली, भूमि, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए राजस्थान को एलईडी और डेटा सेंटर निवेश का पसंदीदा केंद्र बनाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि राज्य में 8,700 से ज्यादा प्रदूषण विकसित हो चुके हैं, जिनमें 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है और करीब 48 हजार प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। सरकार ने प्रदूषण को बढ़ावा देने के लिए सरकारी खरीद प्रक्रिया में अनुभव और न्यूनतम टर्नओवर जैसी शर्तों को भी खत्म किया है।

सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल तकनीक ने शासन को अधिक प्रभावी, सक्षम और जवाबदेह बनाया है। उनके अनुसार, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफ़र (DBT), जनधन-आधार-मोबाइल और UPI जैसी पहलों ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल अब जन-अभियोग रोकथाम का प्रभावी मंच बन चुका है, जहां हर महीने लाखों लाभार्थियों का समयबद्ध समाधान हो रहा है। उन्होंने राज्य में टीकाकरण- प्रतिक्रियाएं 2026, टीकाकरण एवं क्वांटम कवरेज मिशन और एवी जीडीपीआर नीति का जिक्र करते हुए कहा कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग में नई परियोजनाएं खुलेंगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राजस्थान भाषा मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन, स्मार्ट राजस्थान परियोजना, राजस्थान टीकाकरण चैलेंज और ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा की शुरुआत भी की। सरकार का कहना है कि इन पहलों से तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की कोशिश को और बढ़ावा मिलेगा।