जयपुर, एक जुलाई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) का निर्माण कार्य मिशन मोड पर करें तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करें। उन्होंने कहा कि रिम्स के निर्माण कार्य की रूपरेखा तय करने की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि प्रदेश को शीघ्र एक अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थान उपलब्ध हो सके।
श्री खींवसर बुधवार को आरएमएससीएल भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने रिम्स की क्रियान्विति को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए रिम्स के आधारभूत ढ़ांचे, ओपीडी, ओटी, मानव संसाधन सहित आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, एसएमएस में आईडीपी टॉवर एवं कार्डियोलॉजी टॉवर की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। बैठक में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि रिम्स में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, सीटीवीएस एवं ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी सुपर स्पेशिलिटी सहित सभी प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अकादमिक स्ट्रेक्चर एवं फैकेल्टी व्यवस्था की योजना को शीघ्र प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि राज्य के अन्दर संचालित राजकीय, गैर राजकीय एवं निजी ब्लड केन्द्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और मानक अनुरूप नहीं पाए जाने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए लाइसेंस निरस्त एवं निलम्बित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षित रक्त मरीजों को उपलब्ध हो, इसके लिए ब्लड केन्द्रों के कार्मिकों की ट्रेनिंग, ब्लड स्टोरेज सहित एसओपी की पालना सुनिश्चित करवाई जाए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन ब्लड केन्द्रों में गंभीर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित पंजीकृत चिकित्सक का लाइसेंस निरस्त करने के लिए आरएमसी को लिखा जाए। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि 5 जुलाई तक सभी सरकारी ब्लड केन्द्रों का निरीक्षण करें और आवश्यक कदम उठाएं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि प्रदेश में 286 ब्लड सेन्टर है, जिसमें से 69 ब्लड केन्द्रों में अनियमितता पाए जाने पर लाइसेंस निलम्बित किया गया है, जबकि 5 अन्य का लाइसेंस निरस्त किया गया है।
उन्होंने राजहैल्थ पोर्टल के रियल टाइम डेटा की समीक्षा करते हुए कहा कि 10 जुलाई तक पोर्टल की शुरूआत कर दी जाए। ताकि पोर्टल के माध्यम से 1.23 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्मिकों का सेवा रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगा, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग, पारदर्शिता, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को बल मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों में अधिशेष डॉक्टर एवं नर्सिंग कार्मिकों को खाली पदों पर नियुक्त किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थानों में उपकरणों के लिए विशेषज्ञ कार्मिकों की नियुक्ति की जाए ताकि मरीजों का समय पर स्वास्थ्य सुविधा का बेहतर लाभ मिल सके।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री बाबू लाल गोयल, आरयूएचएस के कुलगुरू प्रो. प्रमोद येवले, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, रिम्स के विशेषाधिकारी डॉ. अजीत सिंह शक्तावत, आरयूएचएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. मोहनीश ग्रोवर, आरयूएचएस अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

