राजस्थान में पांचना समझौते के तहत जल प्रवाह शुरू हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, जल छोड़ने की प्रक्रिया के दौरान एक गेट में तकनीकी खामी आने से कुछ समय के लिए बाधा उत्पन्न हुई, जिसे रातभर चले अभियान के बाद दूर कर लिया गया।
जिला प्रशासन ने बताया कि स्थिति की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को मौके पर भेजा गया। तकनीकी विशेषज्ञों ने पूरी रात मरम्मत का काम किया और तड़के करीब 4:50 बजे उस गेट को भी खोल दिया गया, जिसमें तकनीकी समस्या आ रही थी।
प्रशासन के मुताबिक, इस कार्य के लिए भरतपुर, बीसलपुर और मथुरा से विशेषज्ञों को बुलाया गया था। इसके बाद लिफ्ट, नहर और नदी की ओर निर्धारित सभी गेट खोल दिए गए, जिससे जल प्रवाह सामान्य हो सका।
राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली प्रवास के दौरान भी पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी की और अधिकारियों से नियमित जानकारी ली।
अधिकारियों के अनुसार, जिन गेटों में लंबे समय से तकनीकी दिक्कत थी, उन्हें भी इस अभियान के दौरान चालू कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि इससे जल प्रबंधन और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

