गर्भवती महिलाओं के रेफरल सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश,मुख्य सचिव ने उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की निगरानी पर दिया जोर

Jaipur Rajasthan

जयपुर, 20 जुलाई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के रेफरल प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि प्रत्येक गर्भवती महिला को आवश्यकता पड़ने पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्य सचिव ने बैठक में गत 24 घंटों के दौरान प्रदेश में हुए प्रसवों की समीक्षा करते हुए संतोष व्यक्त किया कि इस अवधि में कोई गंभीर स्थिति सामने नहीं आई। उन्होंने उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं वाले जिलों के सीएमएचओ से वन टू वन जानकारी ली,जिलों के सीएमएचओ ने बताया कि प्रदेशभर में सभी एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) एवं आशा सहयोगिनियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित कर प्रत्येक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला की नामवार सूची तैयार कर संबंधित एएनएम से मैपिंग की गई है। इससे ऐसी महिलाओं की नियमित निगरानी एवं समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा जा रहा है ।

उन्होंने निर्देश दिए कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया के मामलों की विशेष निगरानी की जाए तथा त्वरित उपचार के माध्यम से उनकी स्वास्थ्य स्थिति में शीघ्र सुधार लाया जाए। इसके लिए सभी आवश्यक दवाइयों, रक्त एवं अन्य चिकित्सकीय संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि रेफरल की आवश्यकता होने पर संबंधित संस्था प्रभारी 104 अथवा 108 एम्बुलेंस की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करें तथा जिस चिकित्सा संस्थान में मरीज को भेजा जा रहा है, वहां पूर्व सूचना देकर उपचार की समुचित तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित रेफरल प्रणाली मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का महत्वपूर्ण आधार है।

बैठक में जनाना अस्पताल की अधीक्षक डॉ. नुपुर तथा एसएमएस मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनिता ने गर्भवती महिलाओं के उपचार प्रबंधन, आपातकालीन देखभाल एवं मानक उपचार प्रोटोकॉल पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेजों एवं अन्य सरकारी अस्पतालों में स्थानीय स्तर पर दवाइयों एवं आवश्यक सामग्री की खरीद राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) द्वारा निर्धारित मानक प्रोटोकॉल के अनुरूप करने के निर्देश दिए। साथ ही दवाइयों, टीकों एवं इंजेक्शनों के सुरक्षित भंडारण के लिए कोल्ड चेन प्रबंधन को पूरी सतर्कता के साथ बनाए रखने पर भी जोर दिया।

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए कि मुख्यालय स्तर से नियुक्त जिला प्रभारी अधिकारी नियमित रूप से एएनएम, सीएचओ एवं बीसीएमओ से संवाद स्थापित करें तथा प्रतिदिन प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग एवं समीक्षा सुनिश्चित करें।

बैठक में मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. जोगाराम, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा बाबूलाल गोयल, प्रबंध निदेशक आरएमएससीएल पुखराज सैन, प्राचार्य एसएमएस मेडिकल कॉलेज डॉ. दीपक माहेश्वरी, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।