NEET विवाद:सचिन पायलट बोले—’शिक्षा मंत्री को हटाया जाए,छात्रों के मुद्दे पर सरकार संवाद करे’

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नई दिल्ली/जयपुर: कांग्रेस महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने NEET परीक्षा विवाद, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और दिल्ली में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया युवाओं के भरोसे को कमजोर कर रहा है और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

दौसा और जयपुर में मीडिया से बातचीत तथा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान पायलट ने कहा कि लाखों-करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर बल प्रयोग किया गया और विपक्षी नेताओं के साथ भी उचित व्यवहार नहीं किया गया।

पायलट ने कहा कि यदि विपक्ष प्रधानमंत्री आवास के निकट अपनी मांगें रखने के लिए धरने पर बैठा था, तो उसे लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में देखा जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज़ को दबाने के बजाय सुना जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि बार-बार सामने आ रहे परीक्षा विवादों की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाए और संसद में इस पूरे मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

पायलट ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि केवल जांच के आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार जरूरी हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी अनियमितताओं का असर देश के लाखों परिवारों पर पड़ रहा है और सरकार को युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उनके अनुसार, यह मुद्दा राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य से जुड़ा है।

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का उल्लेख करते हुए पायलट ने सुझाव दिया कि यदि चोरी की राशि सरकार के कब्जे में है, तो उसे NEET विवाद से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों की सहायता के लिए इस्तेमाल करने पर विचार किया जाना चाहिए।

पायलट ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दों को संसद के भीतर और बाहर उठाती रहेगी और सरकार से अपेक्षा करती है कि वह टकराव के बजाय संवाद और जवाबदेही का रास्ता अपनाए।