नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रल्हाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वे कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री भी रह चुके हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने छात्रों के हित में और परीक्षा संबंधी विवादों को “राष्ट्रविरोधी ताकतों” द्वारा भुनाए जाने से रोकने के उद्देश्य से पद छोड़ा है।
इस बीच, NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर 37 दिनों से जारी अपना प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा की है। संगठन ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार से अन्य मांगों पर मिले आश्वासनों के बाद उसने “सद्भावना के आधार पर” आंदोलन समाप्त करने का फैसला किया है।
CJP के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने, कथित पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या के मामलों में प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने और परीक्षा प्रणाली में सुधार संबंधी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने भी कहा कि सरकार ने परीक्षा सुधारों और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर CJP की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

