डिग्गी कल्याणजी की 61वीं लक्खी पदयात्रा रवाना,5 दिन में 75 किलोमीटर चलकर पहुंचेंगे श्रद्धालु

Jaipur Rajasthan

जयपुर से डिग्गीपुरी तक निकलने वाली भगवान कल्याणजी की 61वीं लक्खी पदयात्रा मंगलवार सुबह रवाना हो गई। चौड़ा रास्ता स्थित श्री ताड़केश्वर मंदिर में मुख्य केसरिया निशान की पूजा-अर्चना के बाद संत-महात्माओं ने ध्वज दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया।

पदयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। देवी-देवताओं की झांकियों के साथ भक्त भजन गाते और नाचते हुए डिग्गीपुरी की ओर रवाना हुए। कुछ श्रद्धालु विशेष धार्मिक आस्था के तहत पेट के बल यात्रा करते हुए भी नजर आए।

श्रद्धालु करीब 75 किलोमीटर की दूरी पांच दिनों में तय कर 22 अगस्त को डिग्गीपुरी पहुंचेंगे।

रास्ते में मदरामपुरा से चौसला तक पड़ाव

यात्रा का पहला पड़ाव मदरामपुरा में होगा। इसके बाद श्रद्धालु हरसूलिया, फागी और चौसला में रात्रि विश्राम करेंगे। यात्रा मार्ग पर रात के समय भजन, सत्संग और रासलीला सहित धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

22 अगस्त को डिग्गीपुरी पहुंचने के बाद शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद भगवान कल्याणजी महाराज के मंदिर में गंगाजल से अभिषेक और रात में जागरण का आयोजन होगा।

1964 में शुरू हुई थी पदयात्रा की परंपरा

श्री कल्याण डिग्गीपुरी लक्खी पदयात्रा संघ के अनुसार, इस यात्रा की शुरुआत वर्ष 1964 में हुई थी। अब तीसरी पीढ़ी इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है।

श्रद्धालुओं के लिए भंडारे और विश्राम की व्यवस्था

पदयात्रा मार्ग पर चौड़ा रास्ता, टोंक रोड और सांगानेर सहित कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था की गई है। जगह-जगह भंडारे और स्वागत शिविर लगाए गए हैं।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए यातायात पुलिस ने टोंक रोड और जेएलएन मार्ग पर कुछ बस रूट में बदलाव और यातायात डायवर्जन किया है।

पदयात्रा जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर से न्यू गेट, रामनिवास बाग, मोती डूंगरी गणेश मंदिर, टोंक फाटक, दुर्गापुरा और सांगानेर होते हुए मदरामपुरा, हरसूलिया, फागी और चौसला के रास्ते डिग्गी कल्याणजी पहुंचेगी।