हनुमानगढ़: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में आयोजित गोगामेड़ी मेले के दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के खिलाफ विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया। 5 से 7 सितंबर 2026 तक चले इस अभियान के तहत श्रद्धालुओं और आम लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।
ANTF की ओर से मेले में ‘भक्तिमुक्ति’ अभियान चलाया गया, जिसके जरिए करीब 10 हजार लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने नशे से दूर रहने और अपने परिवार तथा समाज को भी नशे से बचाने का संकल्प लिया।
‘नशा मुक्ति सेल्फी प्वाइंट’ रहा आकर्षण
अभियान के दौरान मेले में बनाए गए ‘नशा मुक्ति सेल्फी प्वाइंट’ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने तस्वीरें खिंचवाईं। लोगों ने ‘मैं हूं नशामुक्ति के प्रति जागरूक’ जैसे संदेशों के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर नशामुक्त राजस्थान के अभियान का समर्थन किया।
ANTF ने लोगों को बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर परिवार की आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रतिष्ठा और युवा पीढ़ी के भविष्य पर भी पड़ता है।
ANTF IG विकास कुमार ने क्या कहा?
ANTF महानिरीक्षक विकास कुमार ने कहा कि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशन में ANTF अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नशे की मांग को कम करने के लिए जनजागरूकता पर भी जोर दे रही है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्ति केवल कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए समाज की भागीदारी और लोगों में जागरूकता जरूरी है। गोगामेड़ी मेले में चलाया गया ‘भक्तिमुक्ति’ अभियान इसी दिशा में एक प्रयास है।
करीब 3 हजार श्रद्धालुओं ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
अभियान के दौरान करीब 3 हजार महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से नशे से दूर रहने की शपथ ली। श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे खुद को किसी भी तरह के नशे से दूर रखेंगे और अपने परिवार, दोस्तों तथा आसपास के लोगों को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करेंगे।
ANTF टीम ने मेले में करीब 8 से 9 हजार पंपलेट भी बांटे। इनमें नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। युवाओं से खास तौर पर नशे की शुरुआत से बचने और अपने साथियों को भी इससे दूर रखने की अपील की गई।
दूसरे धार्मिक मेलों तक पहुंचेगा अभियान
गोगामेड़ी मेले में अभियान की सफलता के बाद ANTF ने नशामुक्ति का संदेश राजस्थान के दूसरे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक मेलों तक पहुंचाने की योजना बनाई है।
ANTF के मुताबिक खाटूश्याम मेले में चलाए गए ‘नशा विहीन’ अभियान और गोगामेड़ी मेले के ‘भक्ति से मुक्ति’ अभियान के बाद अब भर्तृहरि मेला, श्री गणेश मेला सवाईमाधोपुर और डोल मेला बारां समेत अन्य मेलों में भी स्वयंसेवकों के साथ जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
ANTF का कहना है कि उसका उद्देश्य सिर्फ नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी के जरिए नशे की मांग को कम करना और समाज में नशामुक्ति के प्रति मजबूत चेतना पैदा करना भी है।

