चेन्नई में राहुल गांधी बोले- ‘तमिलनाडु की भाषा और संस्कृति पर हमला नहीं होने देंगे’,छात्रों से सवाल पूछने की अपील

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चेन्नई: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से लोकतंत्र में सवाल पूछने और अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तमिलनाडु की भाषा, संस्कृति और इतिहास को लेकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि तमिलनाडु की पहचान और संस्कृति पर हमला नहीं होने दिया जाएगा।

आइलैंड ग्राउंड्स में आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि जिज्ञासा और सवाल पूछने की क्षमता ही छात्रों को आगे बढ़ने की ताकत देती है। उनके मुताबिक, किसी भी छात्र की जिज्ञासा का आधार उसकी भाषा, संस्कृति, परंपराएं, इतिहास और जमीन होती है।

उन्होंने कहा, “सवाल पूछना हर स्टूडेंट की जिम्मेदारी है।” राहुल गांधी ने छात्रों से अपील की कि वे किसी विचार को सिर्फ इसलिए स्वीकार न करें, क्योंकि किसी दूसरे व्यक्ति ने उसे सही बताया है। उन्होंने समाज सुधारक पेरियार का जिक्र करते हुए कहा कि पेरियार छात्रों को हर विचार का विश्लेषण करने और उसके बारे में सवाल पूछने की सीख देते थे।

हिंदी भाषा और तमिल संस्कृति को लेकर केंद्र पर निशाना

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु पर हिंदी थोपने की कोशिश कर रही है और राज्य की भाषा, इतिहास तथा संस्कृति को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा की जाएगी।

तमिलनाडु में भाषा का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। राज्य में तमिल और अंग्रेजी पर आधारित दो-भाषा नीति का समर्थन किया जाता है, जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रस्तावित तीन-भाषा फॉर्मूले का विरोध किया जाता रहा है।

राहुल गांधी ने तिरुवल्लुवर का भी उल्लेख किया। उन्होंने उनके विचारों के हवाले से कहा कि जिस तरह रेत में गहरा कुआं खोदने पर पानी मिलता है, उसी तरह अधिक सीखने से ज्ञान बढ़ता है।

पीएम मोदी और दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर भी साधा निशाना

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अंतरराष्ट्रीय दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दिल्ली में छात्रों और युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई और इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं। उन्होंने भाजपा समर्थकों पर भी प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए।

राहुल गांधी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में सरकार और संस्थाओं से सवाल पूछना जरूरी है।

हालांकि, इन आरोपों के संबंध में कार्यक्रम में स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने वाले साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के मुद्दे उठाए

राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था में केंद्रीकरण, मेडिकल शिक्षा में सीटों और विश्वविद्यालयों के प्रशासन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है और विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति तथा राज्यपालों की भूमिका पर भी बहस होनी चाहिए।

कांग्रेस की ओर से ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को युवाओं से संवाद की पहल के रूप में पेश किया जा रहा है। इस अभियान में शिक्षा, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं पर बढ़ते दबाव जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

पहली बार दक्षिण भारत में हुआ कार्यक्रम

राहुल गांधी इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे और इंदौर में भी युवाओं तथा छात्रों से संवाद कर चुके हैं। चेन्नई का कार्यक्रम इस श्रृंखला का दक्षिण भारत में पहला आयोजन बताया गया है।

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि छात्र राहुल गांधी को उम्मीद के साथ देखते हैं। उनके मुताबिक, अभियान का उद्देश्य केवल किसी एक राजनीतिक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवस्था से जुड़े सवालों पर चर्चा करना भी है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस अभियान के पिछले पांच कार्यक्रमों में करीब 1.54 लाख लोग शामिल हुए थे। ‘यूथ इन इंडिया 2022’ रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण भारत के पांच राज्यों—आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना—में 15 से 29 वर्ष की उम्र के करीब 7.5 करोड़ युवा हैं। कांग्रेस का इस अभियान के जरिए युवाओं के बीच शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक भागीदारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता देने पर जोर है।