जयपुर: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की रैली का विरोध करने वाली बीजेपी खुद दीपावली से पहले रैलियां निकालकर बाजारों में यातायात बाधित कर रही है और व्यापारियों को नुकसान पहुंचा रही है।
जयपुर में प्रदेश कांग्रेस वार रूम में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र और आम लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान शुरू किया है। इसके जवाब में बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू किया है।
डोटासरा ने कहा कि जब कांग्रेस ने एक नवंबर को रैली निकाली थी, तब बीजेपी नेताओं ने व्यापारियों को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाया था। अब दीपावली से ठीक पहले बीजेपी खुद रैलियां निकाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जयपुर के परकोटे के बाजारों में ट्रैफिक डायवर्ट होने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
राजस्थान की कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
डोटासरा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भरतपुर में पूर्व विधायक की हत्या, जयपुर में चार्टर्ड अकाउंटेंट के अपहरण और अवैध बजरी खनन की घटनाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि बीजेपी इन्हें अराजकता क्यों नहीं मानती?
उन्होंने एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने में कथित गड़बड़ियों का आरोप भी लगाया। डोटासरा ने नीट 2026 पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान में 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया, लेकिन इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
‘राइजिंग राजस्थान’ के निवेश पर सरकार से मांगा जवाब
डोटासरा ने ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत निवेश के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 10 से 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश की बात करते हैं, लेकिन सरकार को बताना चाहिए कि वास्तव में कितना निवेश राजस्थान आया और इससे कितने लोगों को रोजगार मिला।
उन्होंने निवेश के लिए आवंटित जमीन, उद्योगपतियों को दी गई रियायतों और मुख्यमंत्री-मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर हुए खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की।
अशोक गहलोत पर टिप्पणी को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की टिप्पणियों पर डोटासरा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गहलोत तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री और तीन बार केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। उनका सार्वजनिक जीवन बेदाग रहा है और उनके राजनीतिक जीवन पर कोई उंगली नहीं उठा सकता।
डोटासरा ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, “जरूरी नहीं कि भजनलाल जी आप दो साल और मुख्यमंत्री रहें।”उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद उनके साथ कोई नेता या मंत्री खड़ा नजर नहीं आएगा।
डोटासरा ने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक जीवन में संयमित और गरिमापूर्ण भाषा का इस्तेमाल करने की अपील की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाता रहेगा और सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

