राजस्थान दिवस कार्यक्रम:बाड़मेर में राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन,मुख्यमंत्री बोले-विकसित राजस्थान के संकल्प में नारीशक्ति की अहम भूमिका

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बाड़मेर, 25 मार्च। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे देश और प्रदेश का इतिहास वीरता और त्याग से भरा हुआ है। कालीबाई भील, रानी पद्मिनी, मीराबाई, पन्नाधाय और अमृता देवी जैसी महान महिलाओं ने अपनी शक्ति, सामर्थ्य और दृढ़ संकल्प का परिचय देकर अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि परिवार की नींव को मजबूत करने वाली महिलाएं हमारे समाज की धुरी हैं। हमारी डबल इंजन की सरकार महिलाओं के उत्थान एवं कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है और आधी आबादी को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को बाड़मेर के आदर्श स्टेडियम में राजस्थान दिवस समारोह के तहत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गौरवशाली सनातन संस्कृति को सम्मान देते हुए इस बार राजस्थान दिवस अंग्रेजी कलैण्डर के स्थान पर भारतीय पंचाग की तिथि नव संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (30 मार्च) को मनाया जा रहा है। इसी दिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने रियासतों को मिलाते हुए राजस्थान की स्थापना की थी। इस वर्ष भी रेवती नक्षत्र इंद्रयोग का वही संयोग बन रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को नारायणी का दर्जा प्राप्त है। नारी का सम्मान समाज और देश-प्रदेश के विकास की पहली सीढ़ी है, इसीलिए राजस्थान दिवस समारोह का पहला कार्यक्रम हमने मातृशक्ति को समर्पित किया है।

मुख्यमंत्री ने आधी आबादी को दी बड़ी सौगातें —

मुख्यमंत्री शर्मा ने महिला सम्मेलन में विभिन्न योजनाओं की चयनित लाभार्थियों से संवाद किया और योजनान्तर्गत देय सहायता से लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री ने अति कुपोषित बच्चों के लिए टेक होम राशन में दूध 15 ग्राम से 25 ग्राम देने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए। महिला समूहों को लगभग 100 करोड़ रुपये की आजीविका संवर्धन निधि का हस्तान्तरण और 5 हजार महिलाओं को इंडेक्शन कुक टॉप का वितरण किया गया। साथ ही, उन्होंने स्वामी विवेकानन्द स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस के अंतर्गत 164 छात्राओं को चयन पत्र का वितरण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली के बीकानेर हाउस में राजीविका मेला शुरू किया गया है। श्री शर्मा ने गार्गी पुरस्कार, बालिका प्रोत्साहन एवं मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना के अन्तर्गत 31 हजार 790 बालिकाओं को 13.16 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी के लिए राजकीय महाविद्यालयों के पुस्तकालयों में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसी क्रम में हमने आज विभिन्न जिलों के 36 महिला महाविद्यालयों में ये सुविधा प्रारंभ की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बर्तन बैंक योजना और सोलर दीदी के दिशा-निर्देश भी जारी किए।

प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तीकरण के लिए किए अभूतपूर्व निर्णय—

मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र एवं राज्य की सरकारों ने महिला कल्याण के लिए अभूतपूर्व निर्णय किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान कर उनका सशक्तीकरण किया है। साथ ही, तीन तलाक के खिलाफ सख्त कानून बनाकर मुस्लिम बहनों का जीवन भी तबाह होने से बचाया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान संचालित कर, बैंक खाते खुलवाकर, उज्ज्वला सिलेंडर देकर तथा जल जीवन मिशन के जरिए गांव-गांव में नल से जल पहुंचाकर प्रधानमंत्री ने महिलाओं को बड़ी राहत दी है।

1 करोड़ 10 लाख परिवारों को 200 करोड़ की राशि का हस्तांतरण —

शर्मा ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए हमने सरकार बनते ही सबसे पहले एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया। साथ ही, बालिकाओं को शिक्षा एवं संबल उपलब्ध कराने के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना लागू की। अब इसके तहत गरीब परिवार की बालिकाओं के जन्म पर एक लाख के स्थान पर डेढ़ लाख रुपये का सेविंग बॉण्ड मिलेगा। आज कार्यक्रम में 30 हजार लाभार्थियों को 7.50 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जरूरतमंद महिलाओं को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध करवा रही है। आज हमने 1 करोड़ 10 लाख परिवारों को 200 करोड़ की राशि का हस्तांतरण किया है।

बालिकाओं को 5 हजार स्कूटियों का वितरण—

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं तथा साथिन बहनों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी भी की है। वहीं अब लखपति दीदी की श्रेणी में आने वाली स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को ढाई प्रतिशत के बजाय डेढ़ प्रतिशत ब्याज दर पर एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज देवनारायण छात्रा स्कूटी एवं प्रोत्साहन राशि योजना तथा कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के तहत 5 हजार स्कूटी एवं प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया है। योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित बालिकाओं को उन्होंने बधाई दी। शर्मा ने कहा कि कहा कि किशनगढ़ में फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल के माध्यम से प्रदेश की बेटियों को पायलट बनाया जा रहा है। भीलवाड़ा के हमीरगढ़ में फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल जल्द शुरू होने जा रहा है। प्रतापगढ़, झालावाड़ और झुंझुनूं में भी फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूलों की स्थापना के लिए एमओयू हो चुके हैं।

वंचित, महिला, बुजुर्ग और दिव्यांगों के कल्याण को समर्पित हमारा बजट —

शर्मा ने कहा कि बजट 2025-26 में हमने वंचित वर्गों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं दिव्यांगों के लिए संचालित आवासीय संस्थानों का मैस भत्ता बढ़ाकर 3 हजार 250 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। सभी संभागीय मुख्यालयों पर 50 बेड के सरस्वती हाफ वे होम्स के माध्यम से बालिका गृहों में निवास करने वाली बालिकाओं के 18 वर्ष की होने के बाद भी उन्हें हैंड होल्डिंग की जरूरत होने पर सुविधा भी दी जाएगी। शर्मा ने कहा कि नारी उत्थान के लिए प्रदेश में 10 जिला मुख्यालयों पर बालिका देखभाल संस्थान की स्थापना, नवगठित नगरीय निकायों सहित अन्य क्षेत्रों में महिलाओं हेतु 500 पिंक टॉयलेट का निर्माण, हर ब्लॉक पर रानी लक्ष्मी बाई केंद्र की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोलर दीदी के रूप में नया कैडर बनाकर आगामी वर्ष पहले चरण में स्वयं सहायता समूह की 25 हजार महिलाओं को सोलर दीदी के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही, राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को अंतिम 5 महीनों में अतिरिक्त पोषण के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री किट योजना प्रारंभ की जा रही है।

पारदर्शिता के साथ हो रहा भर्ती परीक्षाओं का आयोजन —

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवा एवं महिलाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने की दृष्टि से निरंतर भर्तियां आयोजित कर रही हैं। इस बजट में भी हमने सवा लाख भर्तियों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भर्तियां का आयोजन पूर्ण पारदर्शिता के साथ कर रही है और हमारे एक साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय में एक के बाद एक पेपरलीक हुए और युवाओं के सपनों के साथ विश्वासघात हुआ।

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि महिलाओं के उत्थान के बिना देश और प्रदेश की प्रगति संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने माता बहनों को केंद्र में रखते हुए विकास योजनाएं बनाई है। प्रदेश में भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजा जा रहा है। राज्य बजट में भी महिलाओं को विभिन्न सौगाते दी गई है।

इस दौरान पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, उद्योग राज्यमंत्री के.के. बिश्नोई, विधायक श्रीचंद कृपलानी, आदूराम मेघवाल, हमीर सिंह, प्रियंका चौधरी, अरूण चौधरी, छोटूसिंह भाटी, प्रतापपुरी, रविन्द्र सिंह भाटी, प्रभारी सचिव सुबीर कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग शासन सचिव डॉ. महेंद्र सोनी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।