केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों संग समीक्षा बैठक की,योजनाओं के समयबद्ध व परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन पर ज़ोर

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में गुजरात एवं पंजाब के कृषि मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक का उद्देश्य प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY), कृषोन्नति योजना (KY) सहित अन्य प्रमुख केंद्रीय कृषि योजनाओं के तहत राज्यों में हो रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना था। इस दौरान योजनाओं के राज्यवार क्रियान्वयन, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, लंबित प्रस्तावों तथा बजट उपयोग की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। शिवराज सिंह चौहान ने दोनों राज्यों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जारी की गई धनराशि का समयबद्ध, पारदर्शी एवं नियमों के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों द्वारा धनराशि का प्रभावी एवं समय पर उपयोग किया जाएगा, उन्हें आगामी बजट में पर्याप्त एवं निर्बाध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रांश के ब्याज की निर्धारित राशि समय पर जमा करना अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की देरी से योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न होती है और इसका प्रतिकूल प्रभाव अगली किस्त की स्वीकृति पर भी पड़ सकता है। बैठक के दौरान चौहान ने गुजरात में दलहन एवं तिलहन की उत्पादन क्षमता, किसानों की भागीदारी तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उड़द की खरीद को और अधिक गति देने तथा किसानों तक खरीद प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने पर जोर दिया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा, आय में वृद्धि तथा कृषि क्षेत्र के समग्र विकास की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए आवंटित बजट का प्रभावी, योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुखी उपयोग अत्यंत आवश्यक है। समय पर एवं उचित वित्तीय उपयोग से ही योजनाओं के वास्तविक प्रभाव का सही आकलन किया जा सकता है, जिसके आधार पर केंद्र सरकार द्वारा अगली किस्त समय पर जारी की जा सकेगी। बैठक में पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, गुजरात के कृषि राज्य मंत्री रमेशभाई कटारा, कृषि मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Read More

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने राज्यों के साथ कृषि योजनाओं एवं बजट उपयोग की समीक्षा की

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY), कृषोन्नति योजना (KY) समेत विभिन्न केंद्रीय कृषि योजनाओं की प्रगति एवं बजट उपयोग की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे प्रशासनिक एवं प्रक्रियागत मुद्दों के कारण कई बार बजट आवंटन में देरी होती है, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर असर पड़ता है। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित बजट का उपयोग मार्च माह से पहले सुनिश्चित किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि राज्य समय पर बजट खर्च नहीं कर पाते हैं तो इससे राज्यों को ही नुकसान होता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्यों को पूर्व नियोजित रणनीति के साथ बजट का उपयोग करना चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुँचे और केंद्र से अगली किश्त समय पर जारी की जा सके। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों के शीघ्र सत्यापन, फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को कवर करने तथा दावों के समयबद्ध निपटान पर विशेष बल दिया। साथ ही बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता, संतुलित उपयोग और केंद्र–राज्य समन्वय को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किशोरी लाल मीणा, उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी तथा मिजोरम के कृषि मंत्री ने भाग लिया। बैठक में कृषि मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने राज्यों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने और किसानों के हित में हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी।

Read More