तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के शिवकाशी इलाके में मंगलवार को एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, हादसे में कम से कम पांच लोगों की जान चली गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
यह घटना शिवकाशी के पास चिन्नाकामनपट्टी गांव की एक फैक्ट्री में हुई। विस्फोट के बाद फैक्ट्री से धुएं का गुबार उठता देखा गया और अंदर से पटाखों के फटने की आवाजें आती रहीं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कई लोगों के फंसे होने की आशंका
विरुधुनगर के एसपी कन्नन ने बताया कि राहत और बचाव कार्य जारी है और यह आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री में कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं। घायलों को इलाज के लिए विरुधुनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
धमाके में फैक्ट्री तबाह
फैक्ट्री में हुए धमाके से इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। मृतकों के शव और घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब शिवकाशी की पटाखा इंडस्ट्री पर पहले से ही पर्यावरणीय नियमों और उत्पादन में गिरावट का दबाव है।
शिवकाशी: देश का सबसे बड़ा पटाखा हब
शिवकाशी भारत में पटाखा उत्पादन का प्रमुख केंद्र है, जहां देशभर के करीब 75% पटाखे बनाए जाते हैं। 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक, यहां करीब 1,100 रजिस्टर्ड फैक्ट्रियां काम कर रही हैं, जिनमें सीधे तौर पर 3 से 4 लाख और परोक्ष रूप से करीब 5 लाख लोग जुड़े हुए हैं।
दीपावली 2024 में ₹6,000 करोड़ के पटाखे बिके
पिछले साल की दिवाली पर शिवकाशी से करीब ₹6,000 करोड़ के पटाखों की बिक्री हुई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और पर्यावरणीय प्रतिबंधों के चलते उत्पादन में 30-40% की गिरावट देखी गई थी।
शिवकाशी का पटाखा उद्योग: एक सदी पुरानी विरासत
1920 के दशक से शुरू हुआ शिवकाशी का पटाखा उद्योग अब “लिटिल जापान” के नाम से जाना जाता है। यहां का गर्म और सूखा मौसम पटाखा निर्माण के लिए अनुकूल माना जाता है।
पुलिस और प्रशासन इस हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं और सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जा रही है।

