राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज़ हो गई हैं। पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कहीं हल्की तो कहीं मूसलाधार बारिश रिकॉर्ड की गई। कोटा के रामगंजमंडी में राज्य की सबसे अधिक 186 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
जयपुर में अब तक सामान्य से 180 मिमी ज्यादा बारिश
राजधानी जयपुर में तेज़ बारिश ने सामान्य आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। इस मानसून में अब तक 331.48 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 180.41 मिमी अधिक है। शहर के एयरपोर्ट क्षेत्र में सबसे अधिक 395 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सांगानेर में 366 मिमी और जेएलएन मार्ग पर 346 मिमी वर्षा हुई। शहर के निचले इलाकों में जलभराव के कारण वाहन चालकों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम बिहार के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले दो दिन उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा। इसके असर से राजस्थान में बारिश और तेज होने की संभावना है।
- 17 जुलाई: कोटा और भरतपुर संभाग में भारी वर्षा की चेतावनी
- 18 जुलाई: कोटा और भरतपुर में भारी से अति भारी बारिश, जबकि अजमेर, जयपुर और उदयपुर संभाग में मध्यम से भारी बारिश के आसार
- पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है।
नागौर, बूंदी समेत कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त
नागौर में रातभर हुई बारिश से शिवबाड़ी, दिल्ली गेट, खत्रीपुरा रोड जैसे इलाकों में जलभराव हो गया। कई घरों में पानी घुस गया और सड़कें दरिया बन गईं। इसी तरह बूंदी के लाखेरी उपखंड में भारी बारिश के चलते नदियों और नालों में उफान आ गया है। मुख्य बाज़ारों और खेतों में पानी भर जाने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
अन्य जिलों में भी तेज़ बारिश
- रामगंजमंडी (कोटा): 19 सेमी
- सरमथुरा (धौलपुर): 9 सेमी
- असनावर (झालावाड़): 8 सेमी
- लालसोट (दौसा): 6 सेमी
इसके अलावा अलवर, टोंक, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, सवाई माधोपुर, और उदयपुर के कई हिस्सों में 1 से 5 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।
बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं कई स्थानों पर जलभराव और यातायात में बाधा की वजह से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

