पश्चिम बंगाल:दुर्गापुर में बोले पीएम मोदी – “बंगाल बदलाव चाहता है,विकास चाहता है”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य अब बदलाव और विकास की दिशा में बढ़ना चाहता है। उन्होंने कहा कि बंगाल एक समय देश का औद्योगिक केंद्र था, लेकिन अब यहां के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।

पीएम मोदी ने कहा,

“21वीं सदी टेक्नॉलॉजी की सदी है। बंगाल के लोग भी नई टेक्नोलॉजी से जुड़ना चाहते हैं। एक समय दुर्गापुर और आसनसोल देश की औद्योगिक रफ्तार को दिशा देते थे, लेकिन आज कारखानों पर ताले लग रहे हैं।”

उन्होंने राज्य में केंद्र सरकार की विकास योजनाओं का ज़िक्र करते हुए बताया कि बंगाल देश के उन राज्यों में से है जहां सबसे अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। उन्होंने कोलकाता मेट्रो के विस्तार और रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की बात भी कही। दुर्गापुर में दो नए रेलवे ओवरब्रिज के उद्घाटन का भी ज़िक्र किया।


“दुर्गापुर भारत की श्रमशक्ति का प्रतीक”

प्रधानमंत्री ने दुर्गापुर को स्टील सिटी और श्रमशक्ति का केंद्र बताते हुए कहा कि यहां की विकास परियोजनाएं इसे देश के अन्य हिस्सों से बेहतर रूप में जोड़ेंगी और इसकी पहचान को और मज़बूत करेंगी।

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 5,400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। ये परियोजनाएं ऑयल, गैस, बिजली, सड़क और रेल क्षेत्र से संबंधित हैं।


पीएम मोदी की पश्चिम बंगाल में 2025 की दूसरी यात्रा

यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री 29 और 30 मई को अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में गैस परियोजनाओं का शिलान्यास कर चुके हैं।


प्रधानमंत्री मोदी ने इन प्रमुख परियोजनाओं की शुरुआत की:

  1. BPCL सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) परियोजना – बांकुरा और पुरुलिया जिलों के लिए 1,950 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों को PNG व CNG मिलेगा, साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
  2. दुर्गापुर–कोलकाता नेचुरल गैस पाइपलाइन – 1,190 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह पाइपलाइन पूर्व वर्धमान, हुगली और नादिया से होकर गुजरेगी और PM ऊर्जा गंगा योजना का हिस्सा है।
  3. FGD सिस्टम (फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन यूनिट) – दुर्गापुर स्टील और रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन में 1,457 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इस सिस्टम से वायु प्रदूषण में कमी आएगी।
  4. पुरुलिया–कोटशिला रेल लाइन दोहरीकरण – 390 करोड़ रुपये की लागत से 36 किलोमीटर लंबी इस लाइन के दोहरीकरण से झारखंड और पश्चिम बंगाल के प्रमुख औद्योगिक शहरों का संपर्क बेहतर होगा।
  5. तोपसी और पांडबेश्वर में रोड ओवरब्रिज – 380 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इन ओवरब्रिज से कनेक्टिविटी में सुधार और रेलवे क्रॉसिंग पर दुर्घटनाएं कम होंगी

बंगाल की औद्योगिक विरासत को भी किया याद

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बिधान चंद्र राय और सर वीरेंद्र मुखर्जी जैसी हस्तियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि बंगाल की धरती उद्योग और प्रेरणा का प्रतीक रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का सपना एक विकसित बंगाल है और आज जिन परियोजनाओं की शुरुआत हुई है, वे उसी दिशा में एक प्रयास हैं।


यह दुर्गापुर में प्रधानमंत्री मोदी की छह साल बाद दूसरी जनसभा थी। इससे पहले उन्होंने फरवरी 2019 में यहां एक रैली की थी, जो उस साल के लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत मानी गई थी।