संसद का मानसून सत्र सोमवार को जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले पर चर्चा की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 4 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहलगाम हमले के आतंकियों की गिरफ्तारी नहीं होने और जम्मू-कश्मीर में खुफिया तंत्र की विफलता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने खुद इंटेलिजेंस फेलियर की बात मानी है। खड़गे ने डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम संबंधी दावों पर भी सरकार से जवाब मांगा।
वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार चर्चा से नहीं भाग रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सभी बिंदुओं पर संसद में विस्तार से बात होगी।
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने भी कहा कि प्रश्नकाल के बाद ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराई जाएगी। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को पहले दिन ही अनुचित बताया और कहा कि लोकतंत्र में संवाद जरूरी है, हंगामा नहीं।
सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. की बैठक हुई, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर, भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम, ट्रंप के दावे और बिहार की मतदाता सूची जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई।
मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 18 बैठकें होंगी और 15 से अधिक विधेयक पेश किए जाएंगे। सरकार 8 नए बिल लाएगी और 7 लंबित बिलों पर चर्चा होगी। पहले दिन संसद में नए इनकम टैक्स बिल पर बनी संसदीय समिति की रिपोर्ट भी पेश की गई, जो मौजूदा 1961 एक्ट को बदलने के लिए प्रस्तावित है।

