प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में करीब 2,200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 20वीं किस्त भी जारी की, जिसके तहत 9.7 करोड़ किसानों के खातों में 20,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई।
सावन के पवित्र महीने में वाराणसी दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए अपने भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और मां गंगा को नमन करते हुए उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को भगवान शिव को समर्पित किया। इस ऑपरेशन में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की गई थी, जिसकी शुरुआत जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुई आतंकी घटना के बाद हुई थी।
मोदी ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल देश की सेना के साहस और आतंकवाद पर कार्रवाई पर सवाल उठाकर सैनिकों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को “भारत के आत्मनिर्भर रक्षा तंत्र की ताकत” बताते हुए ब्रह्मोस मिसाइल की भूमिका की भी सराहना की।
विकास कार्यों की बात करें तो प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी अनेक परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें 47 ग्रामीण पेयजल योजनाएं, स्कूलों का जीर्णोद्धार, रेलवे ओवरब्रिज, घाटों का सौंदर्यीकरण और होम्योपैथिक कॉलेज की नींव शामिल है। प्रधानमंत्री ने बनारस और भदोही के बुनकरों को जोड़ने वाले सड़क मार्ग की भी शुरुआत की।
प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए नई योजनाओं का ज़िक्र करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछड़े जिलों में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आमदनी में सुधार के लिए यह योजना अहम भूमिका निभाएगी।
इसके साथ ही, उन्होंने ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों के ज़रिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया और बताया कि अब तक 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
मोदी ने देशवासियों से ‘स्वदेशी अपनाने’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ का संकल्प लेने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की प्रेरणा से हर त्योहार में स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करना राष्ट्रसेवा होगी।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को 7,400 से अधिक उपकरण भी वितरित किए।
प्रधानमंत्री का यह दौरा एक साथ विकास, किसान कल्याण, सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्र की सुरक्षा के संदेश को लेकर खास रहा।

