भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ अगला युद्ध जल्द हो सकता है और सेना को उसी के अनुसार तैयार रहना होगा। उन्होंने यह टिप्पणी 4 अगस्त को आईआईटी मद्रास में ‘अग्निशोध’—इंडियन आर्मी रिसर्च सेल (IARC)—के उद्घाटन के दौरान की, जिसका वीडियो अब सामने आया है।
जनरल द्विवेदी ने कहा, “अगला युद्ध जल्द हो सकता है। हमें मिलकर यह लड़ाई लड़नी होगी।”
उन्होंने हाल ही में संपन्न ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ज़िक्र करते हुए बताया कि इस अभियान में सरकार ने सेना को ‘फ्री हैंड’ दिया था। उनके अनुसार, यह एक “ग्रे ज़ोन” ऑपरेशन था, जहां दुश्मन और हमारी अगली चाल, दोनों ही एक-दूसरे को ज्ञात नहीं थीं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि
जनरल द्विवेदी ने बताया कि 25 अप्रैल को उत्तरी कमान के दौरे के दौरान इस ऑपरेशन की योजना बनी और 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई।
उनके अनुसार, इसमें 9 में से 7 आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए और कई आतंकवादी मारे गए।
भारतीय वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने भी हाल ही में कहा था कि इस अभियान में पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमान और एक निगरानी विमान गिराए गए थे। उन्होंने बताया कि एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम इस ऑपरेशन में ‘गेम चेंजर’ साबित हुआ।
पाकिस्तानी प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने 9 अगस्त को भारतीय दावों को “अविश्वसनीय” और “राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित” बताया।
उन्होंने दावा किया कि बॉर्डर पर भारतीय सैनिकों को भी भारी नुकसान हुआ और कहा कि अगर सच सामने लाना है तो दोनों देश अपने विमान भंडार की स्वतंत्र जांच कराएं।
‘अग्निशोध’ क्या है?
आईआईटी मद्रास में शुरू किया गया ‘अग्निशोध’—इंडियन आर्मी रिसर्च सेल—रक्षा प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की पहल है।
इसका उद्देश्य सैन्य कर्मियों को एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग, वायरलेस कम्युनिकेशन और अनमैन्ड सिस्टम जैसे क्षेत्रों में दक्ष बनाना है।

