बेंगलुरु में पीएम मोदी का दौरा:मेट्रो और वंदे भारत का उद्घाटन,अमेरिका को अप्रत्यक्ष जवाब

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कर्नाटक दौरे पर रहे, जहां उन्होंने बेंगलुरु में कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर बिना नाम लिए प्रतिक्रिया भी दी।

मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और 10वें स्थान से अब टॉप-5 में पहुंच चुका है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही भारत टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। मोदी के मुताबिक यह सफलता “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति का नतीजा है।

यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने 31 जुलाई को भारत और रूस को “डेड इकोनॉमी” कहा था और भारत पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी।

वंदे भारत और मेट्रो का उद्घाटन

पीएम मोदी ने बेंगलुरु के केएसआर रेलवे स्टेशन से तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें बेंगलुरु-बेलगावी, अमृतसर–श्री माता वैष्णो देवी कटरा और नागपुर (अजनी)–पुणे मार्ग शामिल हैं।

इसके अलावा उन्होंने बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन का उद्घाटन किया, जो आरवी रोड (रागीगुड्डा) से बोम्मसंद्रा तक चलेगी। 19.15 किलोमीटर लंबी इस लाइन में 16 स्टेशन हैं और इसकी लागत करीब 7,160 करोड़ रुपये आई है। इसके शुरू होने से मेट्रो नेटवर्क 96 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा।

पीएम मोदी ने मेट्रो में सफर भी किया और स्कूली बच्चों से बातचीत की।

विकास परियोजनाओं पर जोर

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने 2014 के बाद देश में हुए बदलावों का उल्लेख किया—एयरपोर्ट की संख्या 74 से बढ़कर 160 से अधिक, नेशनल वॉटरवेज 3 से बढ़कर 30 और एम्स अस्पतालों की संख्या 7 से बढ़कर 22 हो गई है।

मोदी ने कहा कि भारत ग्लोबल एआई और सेमीकंडक्टर तकनीक में तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही “मेड इन इंडिया” चिप उपलब्ध होगी। उन्होंने मोबाइल फोन निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक निर्यात और ऑटोमोबाइल सेक्टर में हुई वृद्धि को भी रेखांकित किया।

फेज-3 मेट्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास

प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु मेट्रो के फेज-3 प्रोजेक्ट का भी शिलान्यास किया। 44 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में 31 स्टेशन होंगे और इसकी लागत 15,610 करोड़ रुपये है।

फिलहाल भारत का मेट्रो नेटवर्क दुनिया में तीसरे स्थान पर है और जल्द ही दूसरा सबसे बड़ा बनने की ओर है। अनुमान है कि देशभर में मेट्रो रोजाना लगभग एक करोड़ लोगों को सेवा देती है।