एसआई भर्ती 2021:हाईकोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई एसओजी की जांच,27 आरोपी फरार,88 संदिग्धों पर भी शिकंजा

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जयपुर: एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पेपर लीक मामले की जांच कर रही स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गुरुवार को आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एडीजी एसओजी वीके सिंह ने बताया कि अब टीम ज्यादा सक्रिय होकर काम कर रही है।

वीके सिंह ने कहा कि फिलहाल जेईएन भर्ती का मामला लंबित है, जिस पर भी जांच जारी है। इसके अलावा लेक्चरर भर्ती में गड़बड़ियों को लेकर भी कार्रवाई हो रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही जांच के नतीजे सामने आ जाएंगे।

27 आरोपी फरार, 88 संदिग्धों पर निगरानी

एडीजी सिंह ने बताया कि एसआई भर्ती घोटाले में अब तक 27 ऐसे आरोपी सामने आए हैं, जिनके खिलाफ पेपर लीक में शामिल होने के सबूत मिल चुके हैं। हालांकि, एसओजी की कार्रवाई से पहले ही ये सभी फरार हो गए। उनकी तलाश के लिए एटीएस की मदद भी ली जा रही है।

वहीं, 88 अन्य आरोपी ऐसे हैं जो जांच में संदिग्ध पाए गए हैं। इन पर भी एसओजी की कड़ी नजर बनी हुई है।

सुरेश ढाका पर सख्त कार्रवाई

पेपर लीक गैंग से जुड़े मुख्य आरोपी सुरेश ढाका के खिलाफ धारा 174ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वीके सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों पर कानूनी दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें जल्द पकड़ लिया जाएगा।

धारा 174ए आईपीसी के तहत न्यायालय के आदेश या सम्मन की जानबूझकर अवहेलना करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।

हाईकोर्ट के फैसले से मेरिट छात्रों को फायदा

हाईकोर्ट के हालिया फैसले पर वीके सिंह ने कहा कि इससे किसी को निराश होने की जरूरत नहीं है। उनका मानना है कि योग्य और मेरिट पर चयनित उम्मीदवारों को फायदा मिलेगा।

उन्होंने कहा, “शुरुआती रैंक में गड़बड़ी बहुत बड़ी संख्या में थी। इस भर्ती के रद्द होने से योग्य उम्मीदवारों को दोबारा मौका मिलेगा। वहीं, जिन्होंने फर्जीवाड़ा किया था, वे अपने आप बाहर हो जाएंगे।”

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