हैदराबाद/जोधपुर, 17 सितंबर। तेलंगाना की राजधानी में हैदराबाद मुक्ति दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मंच से ऐतिहासिक क्षणों का स्मरण कर जोधपुर की वीर परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जोधपुर स्टेट फोर्स के भारतीय सेना में विलय के पश्चात ‘ऑपरेशन पोलो’ में जोधपुर का योगदान अविस्मरणीय है। उस समय सैनिकों ने जिस अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया था, वही परंपरा आज भी भारतीय सेना द्वारा गर्व के साथ आगे बढ़ाई जा रही है।
अपने उद्बोधन में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि हैदराबाद मुक्ति संग्राम में जोधपुर स्टेट फोर्स की भूमिका केवल सैन्य सफलता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का कार्य किया। यह केवल जोधपुर का ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का गौरव है।
ऑपरेशन पोलो के समय नागौर जिले के छोटे से गांव मामडोली का नाम भी गर्व से लिया गया। मामडोली के सपूत लेफ्टिनेंट कर्नल धौंकल सिंह मेड़तिया ( राठौड़) ने हैदराबाद मुक्ति संग्राम में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाई थी। मातृभूमि के प्रति उनकी निष्ठा, शौर्य और बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
ले. कर्नल मेड़तिया का योगदान इस तथ्य को स्थापित करता है कि भारत के छोटे-छोटे गांवों की माटी ने ऐसे सपूत दिए हैं, जिन्होंने देश की एकता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया।
स्टेट फोर्स के परिवारों में आज भी देश की सेनाओं एवं अर्द्ध सैन्य बलों की सेवाओं के प्रति प्रतिभागी बनने का जज्बा आज भी बरक़रार है।
आज जब डेढ़ सौ करोड़ भारतीय गणतंत्र भारत की संकल्पशक्ति का प्रतीक बनकर खड़े हैं, तब मरुधरा की इस धरती के छोटे से गांव मामडोली को ‘स्वर्ण जड़ित’ करने वाले इस वीर पुत्र की गाथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

