जयपुर, 3 अक्टूबर। मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना में वितरित की जा रही खांसी की सिरप की गुणवत्ता एवं दवाओं के मानक निर्धारण में गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने के मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने खांसी की सीरप सप्लाई करने वाली कम्पनी कायसन फार्मा, जयपुर द्वारा सप्लाई की जाने वाली सभी 19 प्रकार की दवाओं के वितरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। साथ ही, अन्य दवा कंपनियां जो डेक्सट्रोमैथोरपन युक्त खांसी की दवा सप्लाई करती हैं, उनके वितरण पर भी रोक लगा दी है। विभाग ने विभिन्न दवाओं में साल्ट की मात्रा के आधार पर मानक निर्धारण की प्रक्रिया को प्रभावित करने के मामले में औषधि नियंत्रक श्री राजाराम शर्मा को निलंबित भी कर दिया हैं।
उल्लेखनीय है कि खांसी की सिरप की गुणवत्ता के प्रकरण में मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने गहन जांच करने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर इस प्रकरण की विस्तृत एवं गहन जांच करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति भी गठित की जा रही है।
चिकित्सा मंत्री ने भी प्रकरण सामने आने पर समिति गठित कर जांच करने एवं आमजन में हित में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने डेक्स्ट्रोमैथोरपन युक्त दवा की सभी बैचों पर रोक लगा दी थी। साथ ही, यह दवा सप्लाई करने वाली अन्य कम्पनियों की दवा पर भी रोक लगा दी गई है।
एडवाइजरी जारी की
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में एडवाइजरी जारी कर 4 साल से छोटे बच्चों को डेक्स्ट्रोमैथोरपन दवा नहीं देने के लिए कहा था। इसके क्रम में राज्य सरकार ने भी एडवाइजरी जारी की है। शुक्रवार को इस संबंध में ड्रग कंट्रोलर आफ इंडिया ने पुन: एक एडवाइजरी जारी कर कहा है कि सामान्यत: 5 साल से बड़े बच्चों को ही यह दवा दी जाए। विशेषकर 2 साल से छोटे बच्चों को किसी भी स्थिति में यह दवा नहीं दी जाए।
बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक दवाओं पर अंकित होगी चेतावनी
ऐसी दवाएं जो बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकती हैं, उन दवाओं पर अब इस संबंध में आवश्यक जानकारी भी अंकित करवाने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही, ऐसी दवाएं जो सीओपीडी जैसी बीमारी में उपचार के लिए काम आती हैं, उनकी खरीद एवं आपूर्ति को भी नियंत्रित किया जाएगा। सामान्य परिस्थितियों में खांसी के उपचार के लिए वैकल्पिक दवाओं का उपयोग किया जाएगा।
कायसन फार्मा की दवाओं के अब तक 10 हजार से ज्यादा सैंपल लिए, 42 फेल मिले
आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक श्री पुखराज सेन ने बताया कि कायसन फार्मा, जयपुर जो डेक्सट्रोमैथोरपन दवा की सप्लाई कर रही है। इस कंपनी के 2012 से अब तक 10 हजार 119 सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 42 सैंपल अब तक अमानक पाए गए हैं। एहतियातन विभाग ने इस कंपनी द्वारा सप्लाई की जा रही सभी 19 प्रकार की दवाओं की आपूर्ति को अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है।
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