राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोमवार को मांडलगढ़ (भीलवाड़ा) में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिवचरण माथुर की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर ‘श्री शिवचरण माथुर विकास एवं सेवा संस्थान’ के कार्यालय का उद्घाटन किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.एम. पल्लम राजू, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, सांसद बृजेंद्र ओला, सांसद मुरारी लाल मीणा, विधायक अभिमन्यु पूनिया, सुरेश गुर्जर, और हरिमोहन शर्मा सहित शिवचरण माथुर की सुपुत्री वंदना माथुर और पीसीसी सचिव विभा माथुर भी उपस्थित रहीं।
अपने संबोधन में सचिन पायलट ने कहा कि शिवचरण माथुर ने राजनीति में संस्कार, अध्ययन और जनसेवा की मिसाल पेश की। उन्होंने कहा,
“माथुर साहब ने हमेशा जनता की भलाई के लिए योजनाएं बनाईं, जो आज भी लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। ऐसे नेता ही प्रदेश और देश का भाग्य बदल सकते हैं।”
पायलट ने मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर चिंता जताते हुए कहा कि समाज में “अमीर-गरीब की खाई बढ़ रही है” और “जाति, भाषा, धर्म के नाम पर विभाजन” देश के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा,
“जब तक अमन-चैन नहीं होगा, विकास संभव नहीं है। समाज में नफरत और टकराव नहीं, बल्कि भाईचारा और समानता जरूरी है।”
उन्होंने प्रदेश की मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “राजस्थान में पौने दो साल से काम ठप पड़ा है और सरकार जनता की समस्याओं से दूर है।” पायलट ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे 2028 के चुनाव में “एकता और नई सोच” के साथ मिलकर प्रदेश में बदलाव की दिशा में काम करें।
मांडलगढ़ में आयोजित यह कार्यक्रम शिवचरण माथुर की जन्मशताब्दी समारोहों की श्रृंखला का हिस्सा था, जिसमें उनके योगदान और विचारों को याद किया गया।

