जयपुर, 4 नवम्बर — जयपुर विद्युत वितरण निगम (जयपुर डिस्कॉम) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सभी थ्री-फेज (गैर कृषि) उपभोक्ताओं के खराब मीटर बदल दिए हैं। अब उपभोक्ताओं को औसत बिल की जगह वास्तविक उपभोग के आधार पर बिजली बिल जारी किए जाएंगे।
निगम ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में खराब मीटरों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहां 2 लाख 20 हजार से अधिक मीटर डिफेक्टिव थे, वहीं अब यह संख्या घटकर मात्र 19,303 रह गई है। इससे निगम को राजस्व नुकसान में भी भारी कमी आई है।
हाल ही में करौली सर्किल भी ‘शून्य डिफेक्टिव मीटर’ सर्किल की सूची में शामिल हो गया है। इससे पहले कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, जयपुर सिटी नॉर्थ और साउथ, जेपीडीसी नॉर्थ और दौसा सर्किल को यह उपलब्धि मिल चुकी थी।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि खराब मीटर समय पर नहीं बदलने से डिस्कॉम को राजस्व हानि होती है, क्योंकि नियमानुसार उपभोक्ताओं को 5% छूट देनी पड़ती है।
इसी के साथ, राजस्थान डिस्कॉम्स ने रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं के लिए भी एक बड़ा निर्णय लिया है। अब नेट मीटरिंग के तहत ग्रिड में भेजी जाने वाली अतिरिक्त बिजली के बदले घरेलू उपभोक्ताओं को 2.71 रुपये की जगह 3.26 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान किया जाएगा।
यह आदेश राजस्थान विद्युत नियामक आयोग के निर्णय के बाद जारी किए गए हैं और चालू बिलिंग माह से प्रभावी होंगे।
राज्य में फिलहाल 1.35 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित किए हैं, जिनमें से करीब 97 हजार उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत लाभान्वित हुए हैं। योजना में 3 किलोवाट तक के सौर संयंत्र लगाने पर 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सहायता दी जा रही है।
राजस्थान डिस्कॉम्स का कहना है कि यह बढ़ी हुई दर सौर ऊर्जा अपनाने को और प्रोत्साहित करेगी और राज्य में हरित ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा देगी।

