जयपुर एयरपोर्ट पर बोले अशोक गहलोत:बिहार चुनाव में धनबल का दुरुपयोग,कांग्रेस एकजुट—मोदी का बयान “बकवास”

Jaipur Rajasthan

दिल्ली से लौटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में बिहार चुनाव, केंद्र सरकार और राजस्थान की मौजूदा प्रशासनिक स्थितियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

गहलोत ने बिहार चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि पूरे चुनाव को “हाईजैक” किया गया। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के खातों में दस हजार रुपये और पेंशन बढ़ाकर ग्यारह सौ रुपये तक बांटे गए, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई। गहलोत के अनुसार यह सब पोलिंग के दिन तक चलता रहा और चुनाव आयोग “देखता रहा”।

उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है, लेकिन बिहार में जिस तरह धनबल का उपयोग हुआ, वैसा पहले कभी नहीं देखा। एक महिला को 10 हजार रुपये देना सिर्फ एक वोट नहीं, पूरे परिवार पर असर डालता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर की गई टिप्पणी पर गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मोदी जी का बयान बकवास है। कांग्रेस पार्टी सोनिया गांधी, खड़गे साहब और राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरी तरह एकजुट है।”

अंता उपचुनाव पर बयान

अंता उपचुनाव में कांग्रेस की जीत को गहलोत ने राज्य सरकार की “विफलता” का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की योजनाओं का असर आज भी जनता में है और मौजूदा सरकार ने “सुशासन देने में असफलता” दिखाई है।

जोजरी नदी मामले पर प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जोजरी नदी से जुड़े मुद्दे पर संज्ञान लिए जाने पर गहलोत ने कहा कि फैसला देखने के बाद वे सरकार पर आवश्यक कदम उठाने का दबाव बनाएंगे।

राजस्थान के नए मुख्य सचिव पर टिप्पणी

नए मुख्य सचिव की नियुक्ति पर गहलोत ने कहा कि वे “अच्छे इंसान” हैं, लेकिन लंबे समय से राज्य प्रशासनिक ढांचे से दूर होने के कारण उनका अधिकारियों से तालमेल अपेक्षाकृत कमजोर है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में सीएमओ के अधिकारियों पर अधिक जिम्मेदारी आएगी।

राहुल कस्वां के ट्रैक्टर मार्च को रोके जाने पर

गहलोत ने कहा कि लोकतांत्रिक गतिविधियों में सरकार को दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध और यात्राओं को रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल कॉलेज मुद्दा

एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों के अधीक्षकों के इस्तीफों पर गहलोत ने कहा कि उनकी जानकारी सीमित है, लेकिन उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं को कमजोर किए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार की चिरंजीवी और अन्नपूर्णा जैसी योजनाओं का व्यापक लाभ था, जबकि केंद्र की आयुष्मान योजना “सीमित दायरे” की है।

बीएलओ की आत्महत्या के मामले पर प्रतिक्रिया

बीएलओ की कथित आत्महत्या पर दुख जताते हुए गहलोत ने फिर से आरोप लगाया कि चुनाव आयोग “सरकार के दबाव में है” और मतदाता सूची के कार्यान्वयन में जल्दबाज़ी से अविश्वास पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी दलों को विश्वास में लेकर ही ऐसी प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए थी।