राजस्थान में डिस्टर्ब एरिया बिल पर सियासी घमासान,कांग्रेस ने सरकार पर लगाए संविधान पर हमले के आरोप

Jaipur Rajasthan

गुजरात की तर्ज पर राजस्थान में डिस्टर्ब एरिया बिल लाने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस प्रस्तावित कानून पर कड़ा ऐतराज जताते हुए भाजपा सरकार पर सियासी एजेंडे के तहत काम करने का आरोप लगाया है।

जयपुर में मीडिया से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि राज्य कैबिनेट द्वारा डिस्टर्ब एरिया बिल के ड्राफ्ट को मंजूरी देना भाजपा सरकार की “सरकारी गुंडागर्दी को कानूनी जामा पहनाने की कोशिश” है। उनके मुताबिक, शांतिप्रिय राजस्थान में डर और भय का माहौल बनाकर तथाकथित ‘गुजरात मॉडल’ थोपने की तैयारी की जा रही है।

डोटासरा ने सवाल उठाया कि किसी इलाके को अशांत घोषित करने का आधार क्या होगा और यह तय कौन करेगा। उन्होंने कहा कि संविधान में इसकी अनुमति नहीं है और यह सीधे तौर पर अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार और अनुच्छेद 300A के तहत संपत्ति के अधिकार पर हमला है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी दो साल की नाकामियों को छिपाने के लिए डर और धार्मिक उन्माद की राजनीति कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी क्षेत्र को अशांत घोषित किया जाता है तो वहां न निवेश आएगा, न विकास होगा और सामाजिक सौहार्द भी प्रभावित होगा।

डोटासरा ने यह भी कहा कि पहले मोहल्लों को, फिर कस्बों और जिलों को अशांत घोषित करने की साजिश रची जा रही है, जिसका अंतिम उद्देश्य पूरे लोकतंत्र को ही ‘अशांत’ करार देना है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान की जनता इस कदम को स्वीकार नहीं करेगी और सरकार के इस फैसले का विरोध जारी रहेगा।