प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वर्ष 2026 की पहली ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम की 130वीं कड़ी थी। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस, लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका और देश की विकास यात्रा पर विस्तार से बात की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मतदाता लोकतंत्र की आत्मा होते हैं और 18 वर्ष की आयु में वोटर बनना किसी भी नागरिक के जीवन का बड़ा पड़ाव है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि पहली बार मतदाता बनने को एक उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए, ताकि मतदान के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्टार्टअप इंडिया’ के दस वर्ष पूरे होने का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने एआई, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में युवाओं के नवाचार की सराहना की।
उन्होंने उद्योग और उद्यमियों से ‘क्वालिटी’ को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय उत्पादों की पहचान उच्च गुणवत्ता से होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने ‘ज़ीरो डिफेक्ट–ज़ीरो इफेक्ट’ के मंत्र को दोहराया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनर्जीवन, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जल संरक्षण प्रयासों और देश के विभिन्न हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे पर्यावरण व स्वच्छता अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास और कर्तव्य भावना देश की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रधानमंत्री ने युवाओं में उभर रहे ‘भजन क्लबिंग’ जैसे सांस्कृतिक प्रयोगों की भी चर्चा की और इसे परंपरा व आधुनिकता का सुंदर संगम बताया। साथ ही, विदेशों में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर मलेशिया में भारतीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’, श्रीअन्न (मिलेट्स) के बढ़ते उपयोग और आगामी ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ का उल्लेख करते हुए देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

