जयपुर, 17 मार्च। राज्य में कोई वित्तीय संकट नहीं है, कांग्रेस द्वारा केवल राज्य सरकार के खिलाफ गलत आंकड़ों, भ्रामक जानकारी एवं दुष्प्रचार की राजनीति की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा सरकार पर कर्ज, जीएसडीपी, एसएएससीआई योजना एवं केंद्रीय करों में राज्य को कम राशि प्राप्त होना बताया जा रहा है, जबकि हकीकत इससे परे है।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने आंकड़ों के साथ जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2018-19 तक राज्य पर 3 लाख 11 हजार 374 करोड़ रुपये का कर्जभार था। वहीं, उदय योजना के अन्तर्गत लिये गये कर्ज 60 हजार 422 करोड़ रुपये को कम करने पर राज्य के गठन से वर्ष 2018-19 तक 2 लाख 48 हजार 952 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था। जबकि गत कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 तक केवल 5 वर्षों में इससे अधिक ऋण 2 लाख 56 हजार 911 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज लेकर राज्य को कर्जभार के जाल में फंसा दिया।
गत कांग्रेस सरकार के 5 साल में जीएसडीपी औसत वृद्धि दर रही 5.3 प्रतिशत, भाजपा राज में औसत वृद्धि दर बढ़कर हुई 8.7 प्रतिशत
चतुर्वेदी ने बताया कि गत कांग्रेस सरकार द्वारा 5 वर्षों में जीएसडीपी का औसत 37.83 प्रतिशत ऋण लिया गया था। पूववर्ती कांग्रेस सरकार के छोड़े गये दायित्वों के भुगतान के बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 में ऋण को जीएसडीपी के 36.80 प्रतिशत रखा जाना प्रस्तावित किया है, जो कि FRBM द्वारा अनुमत सीमा 38.20 प्रतिशत से कम है। गत तीन वर्षों में जीएसडीपी का औसत ऋण 37.49 प्रतिशत रहा है। इसके अलावा गत कांग्रेस सरकार के 5 वर्षों में स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी औसत वृद्धि दर केवल मात्र 5.3 प्रतिशत रही थी, जबकि भाजपा सरकार द्वारा किये गये आर्थिक सुधारों के परिणामस्वरूप राज्य विकास पथ पर चल पड़ा है तथा वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में जीएसडीपी की स्थिर मूल्यों पर औसत वृद्धि दर बढ़कर 8.7 प्रतिशत हो गई है।
राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष ने कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय अब 2 लाख 2 हजार 349 रुपये है, जबकि वर्ष 2023-24 में प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 67 हजार 27 रुपये थी। यानी, वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय में 21.15 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
चतुर्वेदी ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई SASCI (पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता) योजना के तहत गत कांग्रेस सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिया गया था। जिसका नतीजा यह हुआ कि 5 वर्ष के शासन काल में केवल 15 हजार 803 करोड़ रुपये प्राप्त हुये थे, जबकि भाजपा सरकार ने राज्य के समग्र आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुये ढांचागत पूंजीगत कार्यों में वृद्धि की। परिणामस्वरूप वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में ही 19 हजार 600 करोड़ रुपये से अधिक राशि योजना तहत राजस्थान को प्राप्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय करों में आंकड़े दोगुने होने के बावजूद कांग्रेस द्वारा भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 से वर्ष 2026-27 तक राज्य को केन्द्रीय करों में 2 लाख 51 हजार 934 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। जबकि गत कांग्रेस सरकार के शासन काल के प्रथम 3 वर्षों में केन्द्रीय करों में केवल 1 लाख 25 हजार 656 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।

