पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए देश में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता, कीमतों और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की।
बैठक में कृषि, उर्वरक, शिपिंग, विमानन, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। सरकार ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि आम लोगों पर इस वैश्विक संकट का असर कम से कम पड़े।
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए स्रोतों में विविधता लाई जा रही है और विभिन्न देशों से आयात बढ़ाया जा रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं, जबकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है।
बिजली आपूर्ति को लेकर भी स्थिति संतोषजनक बताई गई। सरकार ने बताया कि देश में पर्याप्त कोयला भंडार उपलब्ध है, जिससे आने वाले महीनों में बिजली की मांग पूरी की जा सकेगी। साथ ही, गैस आधारित बिजली संयंत्रों के लिए विशेष उपाय किए गए हैं ताकि गर्मियों के दौरान बिजली की कमी न हो।
उर्वरकों की उपलब्धता पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। सरकार ने कहा कि यूरिया उत्पादन बनाए रखने के साथ-साथ डीएपी और एनपीके जैसे उर्वरकों की आपूर्ति के लिए विदेशों से समन्वय किया जा रहा है, ताकि खरीफ और रबी सीजन में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नजर रखने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जो कीमतों की निगरानी और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर संभव कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों तक सही और समय पर जानकारी पहुंचाना जरूरी है, ताकि अफवाहों और गलत सूचनाओं को रोका जा सके।
सरकार ने यह भी बताया कि ऊर्जा, उर्वरक और अन्य जरूरी आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित रखने के लिए वैश्विक स्तर पर विविध स्रोतों की तलाश और कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।

