असम विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गोगामुख में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों को रेखांकित किया और तीसरी बार जीत हासिल करने का भरोसा जताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में “सेवा और सुशासन का नया दौर” शुरू हुआ है। उन्होंने आगामी चुनाव को “विकसित भारत के लिए विकसित असम” बनाने का चुनाव बताते हुए बीजेपी-एनडीए की जीत की हैट्रिक का दावा किया।
सभा के दौरान उन्होंने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को लगातार हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने रैली में उमड़ी भीड़ को चुनावी जीत का संकेत बताते हुए जनता के समर्थन को निर्णायक बताया।
प्रधानमंत्री ने बीजेपी के घोषणा पत्र को “मंगल पत्र” बताते हुए कई वादों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 लाख से अधिक नए परिवारों को पक्के घर दिए जाएंगे। इसके अलावा गरीब परिवारों के बच्चों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने और ‘लखपति दीदी’ योजना के जरिए 40 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में पहले ही करीब 3 लाख महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने असम में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का वादा भी दोहराया। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकार सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनजातीय परंपराओं, छठी अनुसूची क्षेत्रों और असम की पहचान की रक्षा की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले केंद्र में कांग्रेस सरकार एक ऐसा कानून लाने की कोशिश कर चुकी है, जिससे समाज में विभाजन पैदा हो सकता था। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने उस समय इसका विरोध किया था और अब भी ऐसे प्रयासों का विरोध करेगी।
विकास के मुद्दे पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नदी पर पुलों के निर्माण को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकाल की तुलना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासन में केवल तीन पुल बनाए, जबकि बीजेपी सरकार ने पिछले एक दशक में पांच नए पुलों का निर्माण किया है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि असम में पहले हिंसा और अशांति की खबरें आम थीं, लेकिन पिछले दस वर्षों में राज्य ने शांति और विकास की दिशा में लंबा सफर तय किया है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा को अपनाया है।
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। इस चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी-नीत एनडीए, जिसमें असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट शामिल हैं, लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रहा है। वहीं कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए मुकाबले में है।

