भारत सरकार की आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA), जिसकी अध्यक्षता नरेंद्र मोदी ने की, ने देशभर में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और कृषि से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
राजस्थान के लिए अहम फैसले में जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को स्वीकृति दी गई है। करीब 13,037 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ–साउथ कॉरिडोर शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ेगा और ट्रैफिक जाम कम करने में मदद करेगा।
ऊर्जा क्षेत्र में, अरुणाचल प्रदेश में 1200 मेगावाट की कालई-II और 1720 मेगावाट की कमला जलविद्युत परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर क्रमशः लगभग 14,105 करोड़ और 26,069 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार का कहना है कि इससे बिजली उत्पादन बढ़ेगा, राष्ट्रीय ग्रिड को संतुलन मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार व बुनियादी ढांचे का विकास होगा।
वहीं, राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में बन रही एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड परियोजना की लागत बढ़ाकर करीब 79,459 करोड़ रुपये कर दी गई है। यह रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल उत्पादन के जरिए देश की आयात निर्भरता कम करने और स्थानीय रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा, कैबिनेट ने खरीफ 2026 सीजन के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों पर न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) दरों को भी मंजूरी दी है, जिसके लिए करीब 41,533 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों को सस्ते दाम पर खाद उपलब्ध हो सके।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से बुनियादी ढांचे को मजबूती, ऊर्जा सुरक्षा में बढ़ोतरी और किसानों को राहत मिलेगी।

