NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।
सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि 3 मई को हुई परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक हुआ था। इसी के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। अब NEET-UG का री-एग्जाम 21 जून को होगा।
शिक्षा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम नहीं चाहते थे कि किसी योग्य छात्र के साथ अन्याय हो। इसलिए कठिन लेकिन जरूरी फैसला लेते हुए परीक्षा रद्द की गई।” उन्होंने कहा कि 7 मई को गड़बड़ी के संकेत मिले थे और चार दिन की जांच के बाद सरकार ने दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया।
री-एग्जाम में छात्रों को कुछ राहत भी दी गई है। उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन या अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी। पहले जमा की गई फीस वापस की जाएगी। छात्रों को अपना पसंदीदा परीक्षा केंद्र फिर से चुनने का विकल्प भी मिलेगा। परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ाकर शाम 5:15 बजे तक कर दी गई है।
सरकार ने कहा है कि राज्यों के साथ मिलकर छात्रों के आवागमन की व्यवस्था पर भी काम किया जाएगा ताकि परीक्षार्थियों को कम से कम परेशानी हो। नए एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी किए जा सकते हैं।
इस बीच, पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, लीक हुआ पेपर कथित तौर पर राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था। आरोप है कि प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचाने के बदले लाखों रुपये वसूले गए।
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर PDF में बदला गया और फिर कोचिंग नेटवर्क के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया। सीकर में मिले ‘गेस पेपर’ के करीब 150 सवाल वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए।
NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इस साल परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। इसके जरिए MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सेज की एक लाख से ज्यादा सीटों पर दाखिला होता है।

