ओम बिरला ने कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एयरपोर्ट पर ही इमीग्रेशन की सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए दिल्ली, मुंबई या जयपुर जैसे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
संसद भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और राजस्थान के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बताया कि 1088 एकड़ में विकसित हो रहा यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है। परियोजना के तहत अक्टूबर 2027 तक रनवे तैयार कर विमान संचालन शुरू करने और दिसंबर 2027 तक नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक एयरपोर्ट का 3.2 किलोमीटर लंबा रनवे बड़े विमानों की लैंडिंग के लिए सक्षम होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता करीब 20 लाख यात्रियों की होगी।
बैठक में ओम बिरला ने नए एयरपोर्ट के पास MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधा विकसित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित होगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही पुराने एयरपोर्ट परिसर में फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल शुरू करने पर भी विचार करने को कहा गया है।
ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट परियोजना हाड़ौती क्षेत्र के लिए विकास का नया केंद्र बनेगी और इससे व्यापार, पर्यटन, निवेश और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

