जयपुर, 26 मई। विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस सरकार के कुशासन, भ्रष्टाचार और विफलताओं को राजस्थान की जनता कभी नहीं भूल सकती। आज अशोक गहलोत सुर्खियों में बने रहने और जनता को गुमराह करने के लिए बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि उनके कार्यकाल में राजस्थान का बेड़ा गर्क हो गया था।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसे महत्वाकांक्षी अभियान में भ्रष्टाचार करना केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के साथ किया गया महापाप था। गहलोत सरकार के मंत्री और तत्कालीन अधिकारी आज इसी घोटाले में सलाखों के पीछे हैं। ऐसे लोग यदि जल संकट और जनहित की बात करें तो यह जनता के साथ सबसे बड़ा छल है।
जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने योजनाओं को जनता के विकास का माध्यम नहीं, बल्कि अपना और अपनों का उद्धार करने का जरिया बना लिया था। वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल स्रोतों के जीर्णाेद्धार, जल संरक्षण और दीर्घकालिक जल प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार धर्म के नाम पर राजनीति नहीं करती, बल्कि भारत की धार्मिक परंपराओं को समाज और प्रकृति के कल्याण से जोड़ते हुए विकास का आधार बनाती है। लगातार दूसरे वर्ष ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के माध्यम से प्रदेशभर में जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। गंगा दशमी जैसे पावन पर्व को जल चेतना और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर भाजपा सरकार ने विकास और संस्कृति का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जल संकट केवल भाषणों और घोषणाओं तक सीमित रहा, जबकि भाजपा सरकार धरातल पर कार्य कर रही है। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, ईएनजीपी का सुदृढ़ीकरण, गंगनहर, माही, देवास तथा सोम-कमला-अंबा परियोजनाओं पर रिकॉर्ड गति से कार्य किया जा रहा है। भाजपा सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र तक पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है।
जोगाराम पटेल ने कहा कि अशोक गहलोत को स्वास्थ्य योजनाओं पर बोलने से पहले यह बताना चाहिए कि उनकी सरकार के दौरान अस्पतालों के भुगतान क्यों अटक गए? निजी अस्पतालों ने इलाज बंद क्यों किया? मरीजों को दर-दर क्यों भटकना पड़ा? कांग्रेस सरकार ने स्वास्थ्य योजनाओं को केवल प्रचार का माध्यम बनाया, जबकि भाजपा सरकार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य जैसी स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और स्थायी स्वरूप देने की दिशा में ठोस कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस को अपने शासनकाल की अराजकता याद करनी चाहिए। पेपर लीक माफियाओं ने युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया था। भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक संरक्षण कांग्रेस शासन की पहचान बन गया था। भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही माफियाओं पर सख्त कार्रवाई कर युवाओं को न्याय दिलाने का कार्य किया है।
जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुशासन का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। वे गांव-गांव जाकर आमजन से संवाद कर रहे हैं, ग्रामीण चौपालों में महिलाओं, किसानों, युवाओं और पशुपालकों की समस्याएं सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं रात्रि विश्राम कर ग्रामीण जीवन को समझ रहे हैं और स्थानीय समस्याओं का हाथों-हाथ समाधान कर प्रशासन को जवाबदेह बना रहे हैं। इससे आमजन का शासन और व्यवस्था में विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राजस्थान को भ्रष्टाचार, कर्ज, तुष्टिकरण और प्रशासनिक अव्यवस्था दी, जबकि भाजपा सरकार विकसित राजस्थान के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं।
जोगाराम पटेल ने कहा कि राजस्थान की जनता अब कांग्रेस की भ्रम और आरोपों की राजनीति को पूरी तरह समझ चुकी है। जनता को भाषण नहीं, परिणाम चाहिए और भाजपा सरकार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकास, सुशासन और जनविश्वास के आधार पर नए राजस्थान का निर्माण कर रही है।

